अदाणी डिफेंस द्वारा एफएसटीसी में बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण (तस्वीर क्रेडिट@erbmjha)

अदाणी डिफेंस द्वारा एफएसटीसी में बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण: भारतीय एविएशन प्रशिक्षण क्षेत्र में बड़ी छलांग

अहमदाबाद,28 नवंबर (युआईटीवी)- भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन और डिफेंस सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (एडीएसटीएल) ने गुरुवार को घोषणा की कि कंपनी ने प्राइम ऐरो सर्विसेज एलएलपी के साथ मिलकर फ्लाइट सिमुलेशन टेक्निक सेंटर प्राइवेट लिमिटेड (एफएसटीसी) में बहुमत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए 820 करोड़ रुपए के एंटरप्राइज वैल्यू पर समझौता कर लिया है। यह सौदा न सिर्फ एविएशन प्रशिक्षण बाजार में अदाणी समूह की स्थिति को मजबूत करेगा,बल्कि भारत में पायलट ट्रेनिंग के क्षेत्र में भी बड़े बदलावों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

एफएसटीसी भारत का प्रमुख फ्लाइट ट्रेनिंग संस्थान है,जो आधुनिक तकनीकों,अत्याधुनिक सिमुलेशन सुविधाओं और उच्च स्तरीय ट्रेनिंग प्रोटोकॉल के लिए जाना जाता है। कंपनी वर्तमान में 11 एडवांस फुल-फ्लाइट सिमुलेटर्स और 17 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट का संचालन करती है। इन संसाधनों के माध्यम से एफएसटीसी कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल),टाइप रेटिंग,रिकरंट ट्रेनिंग और विभिन्न स्पेशलाइज्ड स्किल प्रोग्राम उपलब्ध कराती है। संस्थान को डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) और ईएएसए (यूरोपीय संघ एविएशन सेफ्टी एजेंसी) दोनों द्वारा प्रमाणित किया गया है,जो इसे अंतर्राष्ट्रीय एविएशन मानकों के अनुरूप बनाता है।

एफएसटीसी के गुरुग्राम और हैदराबाद केंद्र अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं,जहाँ पायलटों को वास्तविक परिस्थितियों के समान सिमुलेशन माहौल में प्रशिक्षित किया जाता है। ये केंद्र न केवल भारत में बढ़ती एविएशन आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं,बल्कि विस्तार की बड़ी क्षमता भी रखते हैं। इसके अलावा,कंपनी हरियाणा के भिवानी और नारनौल में देश के सबसे बड़े फ्लाइंग स्कूलों में से एक का संचालन भी करती है,जहाँ बड़ी संख्या में प्रशिक्षु पायलट अपनी उड़ान संबंधी बुनियादी ट्रेनिंग पूरी करते हैं।

भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में तेजी से बढ़ती उड़ानों की संख्या और एयरलाइंस के विस्तार ने प्रशिक्षित पायलटों की माँग को भी कई गुना बढ़ा दिया है। भारतीय एयरलाइंस द्वारा आने वाले वर्षों में 1,500 से अधिक नए विमान बेड़े में शामिल किए जाने की योजना है,जिसके मद्देनजर बड़े पैमाने पर पायलटों की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि फ्लाइट ट्रेनिंग और सिमुलेशन सेवाओं में निवेश एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस अधिग्रहण के बाद अदाणी समूह इस माँग को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार दिखाई देता है।

डिफेंस सेक्टर में भी भारत तेजी से सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की ओर बढ़ रहा है। वास्तविक विमानों और मिशन अभ्यासों की तुलना में सिमुलेशन तकनीक न केवल अधिक सुरक्षित है,बल्कि लागत प्रभावी भी है। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में भारत सरकार रक्षा पायलटों के लिए उन्नत प्रशिक्षण और मिशन रिहर्सल तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। इस उदयमान क्षेत्र में एफएसटीसी का अनुभव और अदाणी डिफेंस की रणनीति भविष्य में बड़ी संभावनाएँ खोलने वाली है।

अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने अधिग्रहण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सौदा उनके एकीकृत एविएशन सर्विसेज प्लेटफॉर्म को विकसित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आशीष राजवंशी ने कहा,“एफएसटीसी के हमारे साथ जुड़ने से एयर वर्क और इंडामर टेक्निक्स जैसी कंपनियों के साथ मिलकर हम ग्राहकों को सिविल एमआरओ,जनरल एविएशन एमआरओ,डिफेंस एमआरओ और संपूर्ण फ्लाइट ट्रेनिंग सेवाओं के एकीकृत प्लेटफॉर्म पर समाधान उपलब्ध करा सकेंगे। एविएशन इकोसिस्टम के इन अलग-अलग हिस्सों को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर हम उद्योग की गुणवत्ता और दक्षता को नई दिशा देना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि पायलट ट्रेनिंग की बढ़ती मांग को पूरा करना समय की आवश्यकता है और अदाणी डिफेंस इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है। उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा उन्नत ट्रेनिंग और मिशन रिहर्सल तकनीकों पर जोर देने से रक्षा सिमुलेशन के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सुरक्षित भारत की दिशा में हमारा उद्देश्य है कि हम देश की अगली पीढ़ी के डिफेंस पायलट तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दें।”

गौरतलब है कि एडीएसटीएल,अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की सहायक कंपनी है,जबकि होराइजन एयरो सॉल्यूशंस लिमिटेड (एचएएसएल),जो प्राइम ऐरो सर्विसेज एलएलपी और एडीएसटीएल का संयुक्त उपक्रम है,एईएल की स्टेप-डाउन सहायक कंपनी के रूप में कार्य करती है। इस बहुस्तरीय कॉर्पोरेट संरचना से स्पष्ट है कि अदाणी समूह एविएशन और डिफेंस दोनों क्षेत्रों में एक व्यापक और समन्वित उपस्थिति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

एफएसटीसी के अधिग्रहण से अदाणी डिफेंस ने न केवल अपने एविएशन पोर्टफोलियो को मजबूत किया है,बल्कि भारत के पायलट प्रशिक्षण और सिमुलेशन बाजार में भी नई जान फूँक दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक एविएशन प्रशिक्षण मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।