वाशिंगटन,31 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के जीवन और उनके सार्वजनिक सफर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘मेलानिया’ आखिरकार रिलीज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ व्हाइट हाउस में फर्स्ट लेडी के रूप में मेलानिया ट्रंप की वापसी को इस डॉक्यूमेंट्री में बेहद करीब से दिखाया गया है। गुरुवार को वॉशिंगटन के प्रतिष्ठित केनेडी सेंटर में इसका भव्य प्रीमियर हुआ,जहाँ राजनीतिक,सामाजिक और सांस्कृतिक जगत की कई जानी-मानी हस्तियाँ मौजूद रहीं। यह डॉक्यूमेंट्री सिर्फ एक सार्वजनिक शख्सियत की कहानी नहीं है,बल्कि व्हाइट हाउस के भीतर की उस जिंदगी की झलक भी देती है,जो आम तौर पर जनता की नजरों से दूर रहती है।
डॉक्यूमेंट्री के प्रीमियर के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे। उन्होंने इसे प्रेसिडेंसी के अंदर की जिंदगी का एक अहम और जरूरी हिस्सा बताया। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने यह डॉक्यूमेंट्री कुछ दिन पहले ही पहली बार देखी और उन्हें यह बेहद पसंद आई। राष्ट्रपति ने कहा, “मैंने इसे दो रात पहले पहली बार देखा। मुझे यह बहुत पसंद आई। मुझे लगा कि यह सच में बहुत बढ़िया है।” ट्रंप ने फिल्म को देखने में शानदार और भावुक कर देने वाला बताया और इसे ग्लैमरस करार दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में एक ऐसा आकर्षण है,जिसकी आज देश को जरूरत है। उन्होंने कहा, “यह सच में अच्छी है। ग्लैमरस। बहुत ग्लैमरस है। हमें कुछ ग्लैमर की जरूरत है। देश में हमें इसकी जरूरत है।” ट्रंप के मुताबिक यह फिल्म व्हाइट हाउस में जिंदगी के उन पहलुओं को सामने लाती है,जिन्हें आम लोग शायद ही कभी देख पाते हैं। उन्होंने इसे एक जरूरी डॉक्यूमेंट्री बताते हुए कहा कि यह व्हाइट हाउस में उनकी और मेलानिया की जिंदगी को वास्तविक रूप में दिखाती है,जो अपने आप में एक बड़ी बात है।
डॉक्यूमेंट्री ‘मेलानिया’ की खास बात यह है कि इसमें ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह से पहले के करीब 20 दिनों की घटनाओं को फोकस में रखा गया है। जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी और उससे पहले का समय व्हाइट हाउस के लिए बेहद व्यस्त और अहम होता है। इस दौरान मेलानिया ट्रंप के निजी और व्यवसायिक जीवन के कई पहलुओं को कैमरे में कैद किया गया है। फिल्म में यह दिखाया गया है कि कैसे वह एक बार फिर फर्स्ट लेडी की भूमिका के लिए खुद को तैयार करती हैं और व्हाइट हाउस लौटने की प्रक्रिया से गुजरती हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि इस डॉक्यूमेंट्री में उनका कितना क्रिएटिव रोल रहा,तो उन्होंने साफ कहा कि उनका इसमें कोई रचनात्मक हस्तक्षेप नहीं था। ट्रंप ने कहा, “यह मेरी पत्नी के साथ किया गया था। मेलानिया ने इस कोशिश का नेतृत्व किया और फिल्म को अपनी बच्ची बताया।” उन्होंने आगे कहा कि मेलानिया ने इस डॉक्यूमेंट्री को सच में प्रोड्यूस किया है और उन्होंने इसमें बहुत अच्छा काम किया है। ट्रंप के मुताबिक यह एक बहुत जरूरी और प्रभावशाली प्रोजेक्ट है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस मौके पर अपनी पत्नी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “आज रात फर्स्ट लेडी के बारे में है। मेलानिया एक बहुत गंभीर इंसान हैं,बहुत शानदार और बहुत असरदार हैं। वह ऐसी इंसान हैं,जिन पर मैं भरोसा करता हूँ।” राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए दर्शकों को मेलानिया ट्रंप को पहले से कहीं बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा।
एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि लोगों को इस फिल्म के जरिए मेलानिया की बुद्धिमत्ता और प्रभाव का नया पहलू देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि लोग जानते हैं कि वह स्मार्ट हैं,लेकिन शायद उन्हें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा,जो सिर्फ ‘स्मार्ट’ शब्द से कहीं ऊपर हो। फिल्म उनके प्रभाव को दिखाती है।” ट्रंप के मुताबिक यह डॉक्यूमेंट्री मेलानिया को सिर्फ फर्स्ट लेडी या राष्ट्रपति की पत्नी के तौर पर नहीं,बल्कि एक स्वतंत्र और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में पेश करती है।
वहीं,फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने भी डॉक्यूमेंट्री को लेकर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि दर्शकों को इसमें कई तरह की भावनाएँ देखने को मिलेंगी। मेलानिया ने कहा, “वे बहुत सारी भावना,फैशन,दुख,उदासी,सेलिब्रेशन और प्यार देखेंगे।” उनके मुताबिक यह डॉक्यूमेंट्री फर्स्ट लेडी के रूप में उनकी वापसी के दिनों को दर्शाती है,जिसमें शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी तैयारियों से लेकर व्हाइट हाउस में दोबारा कदम रखने तक का सफर शामिल है।
मेलानिया ने बताया कि फिल्म में शपथ ग्रहण की प्लानिंग,अपने बिजनेस और फिलैंथ्रॉपी के काम को मैनेज करने,परिवार की देखभाल करने और ईस्ट विंग को दोबारा स्थापित करने पर उनके प्रयासों को दिखाया गया है। इसके अलावा, डॉक्यूमेंट्री में सुरक्षा कर्मचारियों के साथ उनकी बैठकों और उन स्टाफ सदस्यों को हायर करने की प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है,जो अमेरिकी जनता के लिए काम करते हैं। यह पहलू दर्शकों को यह समझने में मदद करता है कि फर्स्ट लेडी की भूमिका सिर्फ औपचारिक नहीं होती,बल्कि इसके पीछे प्रशासनिक और मानवीय जिम्मेदारियों की एक लंबी सूची होती है।
डॉक्यूमेंट्री ‘मेलानिया’ फैशन और स्टाइल के जरिए भी फर्स्ट लेडी की पहचान को सामने लाती है। मेलानिया ट्रंप पहले भी अपने फैशन सेंस और ग्लैमरस छवि के लिए जानी जाती रही हैं और इस फिल्म में भी उनके स्टाइल को एक अहम तत्व के तौर पर पेश किया गया है,लेकिन इसके साथ ही फिल्म उनके भावनात्मक पक्ष,निजी चुनौतियों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन को भी उजागर करती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक,यह डॉक्यूमेंट्री ऐसे समय में आई है,जब डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है और व्हाइट हाउस फिर से वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। ऐसे में फर्स्ट लेडी की भूमिका और उनके व्यक्तित्व को समझने में यह फिल्म एक अहम दस्तावेज के तौर पर देखी जा रही है। यह न सिर्फ समर्थकों,बल्कि आलोचकों के लिए भी मेलानिया ट्रंप को नए नजरिए से देखने का मौका देती है।
‘मेलानिया’ सिर्फ एक डॉक्यूमेंट्री नहीं,बल्कि व्हाइट हाउस के भीतर की उस दुनिया की झलक है,जहाँ सत्ता,जिम्मेदारी,भावनाएँ और निजी जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं। यह फिल्म दर्शकों को यह समझने का अवसर देती है कि फर्स्ट लेडी की भूमिका पर्दे के पीछे कितनी जटिल,संवेदनशील और प्रभावशाली होती है। मेलानिया ट्रंप के शब्दों में,यह कहानी सिर्फ उनकी नहीं,बल्कि उस सफर की है,जिसमें एक महिला सार्वजनिक जीवन,परिवार और अपनी पहचान के बीच संतुलन बनाती है।
