मुंबई,21 फरवरी (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के मैनेजर को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा है। जाँच के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य हरिचंद्र उर्फ हेरी बॉक्सर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। पुलिस ने वॉइस नोट की फॉरेंसिक जाँच पूरी करने के बाद पुष्टि की है कि धमकी देने वाली आवाज हेरी बॉक्सर की ही है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच को तेज कर दिया गया है।
मुंबई पुलिस के अनुसार,अभिनेता के मैनेजर विजय सुब्रमण्यम को एक वॉइस नोट भेजकर 20 करोड़ रुपये की फिरौती की माँग की गई थी। वॉइस रिकॉर्डिंग में न केवल रणवीर सिंह बल्कि फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। रिकॉर्डिंग में कहा गया कि अभिनेता ने किसी बातचीत से मुकरने की गलती की है और यदि वह “लाइन पर” नहीं आए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस संदेश ने फिल्म इंडस्ट्री और सुरक्षा एजेंसियों दोनों को सतर्क कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने तुरंत जाँच शुरू की और वॉइस नोट की सत्यता की पुष्टि के लिए पंजाब और हरियाणा पुलिस से भी सहयोग लिया। तकनीकी विश्लेषण और वॉइस सैंपल मिलान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रही आवाज हरिचंद्र उर्फ हेरी बॉक्सर की है,जिसे बिश्नोई गैंग का सक्रिय गुर्गा बताया जा रहा है। पुष्टि के बाद मुंबई साइबर पुलिस ने विजय सुब्रमण्यम की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और जाँच क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दी गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक,मैनेजर को केवल वॉइस नोट ही नहीं,बल्कि इंटरनेशनल नंबर से फोन कॉल कर भी डराने और धमकाने की कोशिश की गई थी। कॉल की लोकेशन यूएस वर्जिन आइलैंड्स के पास बताई जा रही है। मैनेजर ने पुलिस को बताया कि इंटरनेशनल कॉल के दौरान भी फिरौती की माँग दोहराई गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। फिलहाल पुलिस उस नंबर की वास्तविक लोकेशन और कॉल के स्रोत का पता लगाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क में है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद रणवीर सिंह के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने अभिनेता को शूटिंग के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। सुरक्षा एजेंसियाँ यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिल्म इंडस्ट्री के कई अन्य कलाकारों ने भी हाल के दिनों में बढ़ती धमकियों को लेकर चिंता जताई है।
जाँच एजेंसियों का मानना है कि बिश्नोई गैंग से जुड़े तत्व हाल के वर्षों में फिल्मी हस्तियों और उद्योगपतियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली की कोशिशें कर रहे हैं। पहले भी कुछ हाई-प्रोफाइल मामलों में इस गिरोह का नाम सामने आया है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल कर विदेश से धमकी देने की रणनीति अपनाई जाती है,जिससे आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी में कठिनाई हो।
मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा जारी किया गया लुक आउट सर्कुलर इस बात का संकेत है कि आरोपी देश छोड़कर फरार होने की कोशिश कर सकता है या पहले से विदेश में छिपा हो सकता है। लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद देश के सभी एयरपोर्ट और इमिग्रेशन चेकपॉइंट्स को सतर्क कर दिया गया है। यदि आरोपी भारत में प्रवेश करने की कोशिश करता है,तो उसे तुरंत हिरासत में लिया जा सकेगा।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार,जबरन वसूली और जान से मारने की धमकी जैसे मामलों में सख्त धाराएँ लगाई जाती हैं,जिनमें लंबी सजा का प्रावधान है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या इस धमकी के पीछे किसी और का भी हाथ है या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। वॉइस नोट में पूरे बॉलीवुड को भी चेतावनी देने की बात कही गई थी,जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता।
फिल्म इंडस्ट्री में इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। कई कलाकारों ने सुरक्षा एजेंसियों से सख्त कार्रवाई की माँग की है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि रचनात्मक क्षेत्र में काम करने वाले कलाकारों को इस तरह की धमकियों से भयभीत करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के लिए गंभीर चुनौती है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच बहुआयामी तरीके से की जा रही है। साइबर ट्रेल,कॉल डिटेल रिकॉर्ड,वॉइस एनालिसिस और संभावित सहयोगियों की पहचान पर काम जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या फिरौती की माँग के पीछे किसी प्रकार का पूर्व विवाद या आर्थिक लेनदेन जुड़ा हुआ है।
फिलहाल अभिनेता रणवीर सिंह या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं आया है। हालाँकि,सुरक्षा एजेंसियों ने आश्वस्त किया है कि अभिनेता और उनके परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि इस मामले से संबंधित कोई जानकारी हो तो तुरंत साझा करें।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल युग में संगठित अपराध किस तरह नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कॉलिंग,वर्चुअल नंबर और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए दी जा रही धमकियाँ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और आरोपी को कानून के शिकंजे में लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और भी स्पष्ट होगी,लेकिन फिलहाल बॉलीवुड और कानून व्यवस्था दोनों की नजरें इस हाई-प्रोफाइल मामले पर टिकी हुई हैं।
