ब्लड-टेस्टिंग के धोखाधड़ी मामले में अमेरिकी महिला ने 11 साल की जेल की सजा के लिए किया रिपोर्ट

ह्यूस्टन, 31 मई (युआईटीवी/आईएएनएस)| ब्लड-टेस्टिंग डिवाइस स्टार्टअप थेरानोस की संस्थापक एलिजाबेथ होम्स को धोखाधड़ी के मामले में 11 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह सजा के लिए अमेरिका के टेक्सास राज्य के ब्रायन में एक संघीय जेल में उपस्थित हुईं। जनवरी 2022 में एक जूरी द्वारा 39 वर्षीय एलिजाबेथ होम्स को धोखाधड़ी और साजिश के चार मामलों में दोषी ठहराया गया था और एक साल से ज्यादा समय बाद महिला जेल में आई है। उसे नवंबर में 135 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी।

होम्स के दो छोटे बच्चें, जिसमें एक बेटा, जिसका जन्म जुलाई 2021 में हुआ व तीन महीने की बेटी है।

एलिजाबेथ होम्स ने 19 साल की उम्र में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी कर 2003 में थेरानोस की स्थापना की। इसमें उसकी मदद उस वक्त के उसके बॉयफ्रेंड रमेश सनी बलवानी ने की थी। वह थेरानोस का चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर था। इसको लेकर होम्स ने दावा किया था कि स्टार्टअप का प्रोपरायटरी ब्लड एनालाइजर डिवाइस आमतौर पर आवश्यक लैब की तुलना में तेजी से, सस्ता और अधिक सटीक टेस्ट करने में सक्षम है। मशीन की मदद से उंगली से खून लेकर सारे परीक्षण किए जा सकते हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उसने कुछ प्रभावशाली लोगों को अपने बोर्ड में शामिल होने के लिए राजी किया, जिसमें हेनरी किसिंजर और दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री जॉर्ज शुल्ट्ज शामिल थे। एक समय ऐसा आया, जब उसने यूएस टेक इंडस्ट्री में 4.5 अरब डॉलर की कारोबारी महिला के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

थेरानोस में काम करने वाले शुल्ज के पोते टायलर शुल्ज ने 2015 की वॉल स्ट्रीट जर्नल जांच में तकनीक खामियों को उजागर किया।

बलवानी, जो अब 57 साल का है, को मरीजों और निवेशकों को धोखा देने के लिए दिसंबर में लगभग 13 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। वह दक्षिणी कैलिफोर्निया की एक संघीय जेल में सजा काट रहा है।

दो दोषियों को इस महीने की शुरुआत में पीड़ितों को 45 करोड़ डॉलर की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया गया था।

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