ठाणे की सोसाइटी में कुर्बानी के लिए 2 बकरेे लाए जाने को लेकर हंगामा

ठाणे की सोसाइटी में कुर्बानी के लिए 2 बकरे लाए जाने को लेकर हंगामा

ठाणे, 28 जून (युआईटीवी/आईएएनएस)- ठाणे की एक सोसाइटी में ईद उल अजहा पर कुर्बानी के लिए एक निवासी द्वारा दो बकरे लाए गए, जिसको लेकर समूहों के बीच मामूली विवाद हो गया। सोसाइटी मैनेजमेंट ने किसी तरह बढ़ते विवाद को रोक दिया। वहीं जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उन्हें शांत किया। अधिकारियों ने बुधवार को यहां यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में शुक्रवार को ईद उल अजहा त्योहार मनाया जाएगा। ईद पर कुर्बानी के लिए एक दंपति मोहसिन खान और उनकी पत्‍नी यास्मीन मंगलवार को मीरा रोड शहर के विनय नगर में विशाल जेपी इंफ्रा सोसाइटी में अपने फ्लैट में दो सफेद बकरे लेकर आए।

जब पड़ोसियों और अन्य सदस्यों को इस बात का पता चला, तो बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि सोसाइटी के नियमों के तहत इसकी अनुमति नहीं है।

इसके बाद तीखी बहस हुई और खान दंपति ने दावा किया कि मंगलवार देर रात अचानक उमड़ी भारी भीड़ ने उन पर कथित तौर पर हमला किया। इसके विरोध में कुछ हिंदू समुदाय के लोग सड़क पर बैठ गए और हनुमान चालीसा का जाप करने लगे, इतना ही नहीं भीड़ ने ईद पर बकरों की कुर्बानी के खिलाफ नारेबाजी भी की।

सोसाइटी मैनेजमेंट ने बढ़ते गुस्से को शांत करने के लिए तत्काल बकरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने का नोटिस जारी किया। साथ ही सभी निवासियों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की और संबंधित पक्षों से चर्चा के साथ इस मुद्दे को हल करने का आह्वान किया।

खान ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि अगर यह समाज के कानूनों के खिलाफ था, तो उन्हें हमारे खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी, लेकिन हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया, हमें धमकाया गया। इतना ही नहीं भीड़ द्वारा हमें उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है।

बुधवार सुबह तड़के मीरा रोड पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और विरोध के संबंध में कम से कम 11 लोगों पर मामला दर्ज किया है। हालांकि, किसी भी हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं थी।

रिपोर्ट के अनुसार, घटना और विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बकरे की कुर्बानी के मुद्दे के पक्ष और विपक्ष में तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। अतीत में मुंबई, ठाणे, पालघर, औरंगाबाद, नासिक में आवासीय परिसरों से ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं। सभी समुदायों के लोगों ने आमतौर पर मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से आपसी बातचीत से सुलझा लिया था।

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