24 अगस्त (युआईटीवी)- ब्रिक्स जो पाँच देशों का समूह है उसके प्रसार की बात की जा रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर कहा कि आम सहमति के आधार पर भारत ब्रिक्स के विस्तार का पूर्ण समर्थन करता है। अभी ब्रिक्स में ब्राजील,रूस,इंडिया,चीन और साउथ अफ्रीका है। 23 देश इसके सदस्य बनने के लिए इच्छुक हैं और ये देश ब्रिक्स के सदस्य बनने के लिए अर्जियाँ दी हैं। ईरान,सऊदी अरब,संयुक्त अरब अमीरात और अर्जेंटीना ब्रिक्स समूह की सदस्यता के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। ब्रिक्स नेताओं के वार्षिक सम्मलेन को प्रधानमंत्री मोदी जी ने सम्बोधित किया और कहा कि इस समूह को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए हमें अपने समाज को तैयार करना होगा।
आगे उन्होंने कहा कि विस्तार के गाइडिंग सिद्धांत,मानदंड और प्रक्रिया पर सहमति बनाई है और इनके आधार पर अर्जेंटीना,इजीप्ट,ईरान,इथियोपिया,सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को ब्रिक्स में शामिल करने के लिए सहमति हुई है। प्रधानमंत्री ने इन देशों के लीडर्स और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि इन सभी देशों के साथ मिलकर हम अपने सहयोग को एक नई गति और एक नई ऊर्जा देंगे। भारत के इन सभी देशों के साथ बहुत गहरे और ऐतिहासिक सम्बन्ध हैं। ब्रिक्स की मदद से हमरे द्विपक्षीय सहयोग में नए आयाम अवश्य जुड़ेंगे।

ब्रिक्स पाँच विकासशील देशों का समूह है। वे पांच सदस्य इस सप्ताह के शिखर सम्मेलन में ब्लॉक का विस्तार करने पर सहमत हुए। यह दूसरी बार है जब ब्रिक्स ने विस्तार करने का फैसला किया है। इस ब्लॉक का गठन 2009 में ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन द्वारा किया गया था।
ब्रिक्स के 15वीं वर्षगाँठ पर इसके विस्तार का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने ब्रिक्स के विस्तार का हमेशा से,पूरी तरह से समर्थन किया है। भारत का ये मत रहा है कि नए सदस्यों के जुड़ने से ब्रिक्स एक संगठन के रूप में मजबूत तथा हमारे सभी साझा प्रयासों को एक नया बल देने वाला होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिन अन्य देशों ने भी ब्रिक्स से जुड़ने की अभिलाषा व्यक्त की है भारत उनको भी पार्टनर देश के रूप में जुड़ने के लिए योगदान देगा। ब्रिक्स का विस्तार और आधुनिकीकरण इस बात का सन्देश है कि विश्व के सभी संस्था को बदलते समय की स्थितियों के अनुरूप ढालना चाहिए।
