1 सितंबर (युआईटीवी) – ब्रिटिश विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच पेइचिंग में वार्ता हुई। इस वार्ता में ब्रिटैन और चीन के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान को मजबूती करने और बढ़ावा के बात पर विशेष बल दिया गया। उनका कहना था कि जब तक हम एक-दूसरे का सम्मान करेंगे,एक-दूसरे के साथ बराबरी का व्यवहार रखेंगे,एक-दूसरे के विकास को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे,एक-दूसरे के साथ निष्पक्ष होकर आगे बढ़ेंगे,आपसी सहमति और भरोसे को मिलकर आगे बढ़ाएँगे तब तक चीनी-ब्रिटिश संबंधित बाधाओं को दूर करने में सफल होंगे तथा विस्तृत संभावनाओं के रास्ते खोलने में भी सक्षम होंगे।
वांग यी ने कहा कि चीन हमेशा ब्रिटेन को एक प्रमुख देश के रूप में देखता है। ब्रिटेन की स्थिति और उसके निभाए गए अद्वितीय भूमिका के लिए उसे बहुत अहमियत देता है। साथ ही चीन हमेशा चीन-ब्रिटेन के आपसी सम्बन्ध को उन्नत करने के लिए पूरी तरह से तटस्थ और समर्पित रहा है।
वांग यी ने कहा कि चीन का हमेशा से मानना रहा है कि चीन-ब्रिटेन के आपसी सहयोग का वैश्विक रूप से प्रभाव पड़ता है। इसलिए हमे सदैव हर चुनौतियों का डटकर सामना करने के लिए एक-दूसरे को सहयोग करना चाहिए और विश्व में शान्ति तथा स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर आगे आना चाहिए।
ब्रिटिश विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली इन सब बातों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चीन हमेशा से ऐसे कार्य करने की ओर अग्रसर रहा है जिससे करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आ सके और चीन ऐसा करने में सफल भी रहा है । अपने कोशिशों से चीन करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है ,जिससे चीन एक राष्ट्रीय समृद्ध देश बनने का गौरव हासिल किया है। चीन ने बहुत से देशों और वैश्विक आर्थिक विकास के लिए भी सहयोग किया है। ये सब उनकी अभिनंदनीय उपलब्धियाँ हैं।
