हांगझोऊ,6 अक्टूबर(युआईटीवी)- भारतीय पुरुष हॉकी टीम 19वें एशियाई खेलों के फाइनल में पहुँच गई है। जहाँ इनका मुकाबला जापान से होगा। 2018 एशियाई जो जकार्ता,इंडोनेशिया में आयोजित किया गया था,उसमें जापान ने हॉकी में स्वर्ण पदक हासिल किया था। आज के पुरुष हॉकी टीम के रोमांचक फाइनल के लिए दोनों टीम तैयार है।
दोनों टीमें फाइनल जीत कर स्वर्ण पर कब्ज़ा जमाना तो चाहेगा ही साथ ही दोनों टीमों का लक्ष्य जीत कर सीधे 2024 के पेरिस ओलंपिक में अपना स्थान सुरक्षित करने का भी होगा। भारत और जापान में से जो भी टीम यह फाइनल जीतेगा,वह 2024 के पेरिस ओलंपिक में अपना जगह पक्का कर लेगा।
भारत ने एशियाई खेलों में आखिरी बार हॉकी का स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया के इंचियोन में आयोजित 2014 के एशियाई खेल में जीता था। एशियाई खेलों में जब से फील्ड हॉकी की शुरुआत हुई है,भारत ने तीन बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। पहला स्वर्ण पदक 1966 के एशियाई खेल में,दूसरा स्वर्ण पदक 1998 के एशियाई खेल और तीसरा 2014 के एशियाई खेल में जीता था। जबकि जापान ने सिर्फ एक बार एशियाई खेल में हॉकी का स्वर्ण पदक हासिल किया है। पाँच साल पूर्व 2018 के जकार्ता में आयोजित एशियाई खेल में जापान ने स्वर्ण पदक पदक जीता था।

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने फाइनल मैच से पूर्व कहा कि ” जब आप किसी बड़े मैच को खेलने के लिए मैदान में उतरते हैं,तो हमेशा बेचैनी और घबराहट होती है। हम लम्बे समय से इस टूर्नामेंट के लिए तैयारी कर रहे हैं और अंततः जिस क्षण का हमें लम्बे समय से इंतज़ार था,वह क्षण आ गया है। हमारा हमेशा से लक्ष्य रहा है कि एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीत कर 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर ले।”
आगे उन्होंने कहा कि ” एक टीम के रूप में हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम खेल के दौरान होने वाले दबाव को अपनी भावनाओं पर हावी न होने दें और हम स्वतंत्र रूप से खेलते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। यदि हम ऐसा करने में समर्थ होंगे तो मुझे पूरा यकीन है कि हम जरूर जीतेंगे।”
भारत ने 19वें एशियाई खेलों में अब तक जीतने भी मैच खेले हैं,सभी में जीत हासिल की है। पूल चरण में जापान के साथ हुए मैच में भी भारत ने जापान को पराजित किया था। इस बारे में बात करते हुए भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि ” जापान को हम टूर्नामेंट में पहले ही हरा चुके हैं। इससे हमारा आत्मविश्वास तो बढ़ा है। लेकिन कभी भी किसी प्रतिद्वंद्वी को अपने से कम नहीं आंकना चाहिए। जापान भी हमसे अपने हार का बदला लेने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगा। वास्तव में उसके पास भी एक मजबूत टीम होगी जो खेल की गति को कभी भी परिवर्तित कर सकते हैं। हमें अपनी तैयारियों को दृढ़ और पुख्ता रखने की आवश्कता है ताकि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। “
