हांगझोउ,7 अक्टूबर(युआईटीवी)- 19वें एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान को हराकर स्वर्ण पर कब्जा जमाया। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने गत चैंपियन जापान को 5-1 से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस जीत से एशिया महाद्वीप का चैंपियन बन गया है और साथ ही इस जीत से 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है।
यह चौथी बार है जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता है। इससे पूर्व भारत ने 1966 में बैंकाक में हुए एशियन गेम्स में,1998 में बैंकाक में हुए एशियन गेम्स में और 2014 में इंचियोन एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। एशियाई खेलों में भारत ने हॉकी में अब तक चार स्वर्ण पदक,नौ रजत पदक और 3 कांस्य पदक जीते हैं।
एशियन गेम्स के हॉकी के फाइनल मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल गोल किए और यह मुकाबला एकतरफा कर दिया। हॉकी के फाइनल मुकाबले में भारत की ओर से पहला गोल मनप्रीत सिंह ने 25 वें मिनट में किया,दूसरा गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 32वें मिनट में किया,तीसरा गोल अमित रोहिदास ने 36वें मिनट में,अभिषेक ने चौथा गोल 48वें मिनट में किया और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पुनः 59वें मिनट में एक और गोल दागा और यह एकतरफा फाइनल मुकाबले को भारतीय हॉकी पुरुष टीम ने 5-1 से जीत लिया। जापान की ओर से एकमात्र गोल मैच के 51वें मिनट में सेरेन तनाका ने किया। इस जीत के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक का टिकट भी अपने नाम कर लिया।
एशियाई खेलों के पुरुष हॉकी में चार स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया जीत चुका है। उसके बाद भारत ने यह कारनामा कर दिखाया है। इस स्पर्धा में पाकिस्तान सबसे अधिक आठ स्वर्ण जीत चुका है।
भारत और जापान की दोनों टीमें पहले क्वार्टर में संघर्ष करती हुई नजर आ रही थी। भारतीय फॉरवर्ड का जापान ने अच्छा मुकाबला किया और बेहतर प्रदर्शन का नजारा दिखाया। भारत को कई मौके मिले गोल करने का लेकिन जापान के गोलकीपर तुकुमी कितागावा ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह की ड्रैग फ्लिक को रोककर उन्हें कामयाबी हासिल नहीं करने दिया और पहला क्वार्टर गोल रहित रह गया।
दूसरे क्वार्टर में भी ऐसा ही लग रहा था कि कोई भी गोल नहीं किया जा सकेगा। जहाँ भारतीय टीम गोल करने की पूरी कोशिश कर रही थी,तो जापानी टीम भारतीय टीम की कोशिशें नाकाम कर जोरदार बचाव कर रही थी। लेकिन हाफ टाइम से पहले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह आक्रामक खेल दिखाते हुए पहला गोल कर अपने टीम का खाता खोला। अगले क्वार्टर में भारतीय टीम को तीन पेनाल्टी कार्नर मिले। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने तीसरे पेनाल्टी कार्नर में गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। भारतीय टीम अब आक्रामक रुख अपनाते हुए अपने खेल को जारी रखा और पूरी क्षमता से खेला। 36वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर में अमित रोहिदास ने गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया गोल।
अभिषेक ने भारत की ओर से चौथा गोल मैच के 48वें मिनट में किया और स्कोर 4-0 कर दिया। जापान ने 51वें मिनट पर पहला पेनाल्टी कॉर्नर अर्जित किया और सेरेन तनाका इसका फायदा उठाते हुए एक गोल करने में सफलता प्राप्त की। सेरेन तनाका के एक गोल करने से स्कोर 4 -1 हो गया। अंततः 59 वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत से ने एक और गोल मारकर स्कोर 5-1 कर दिया और भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्वर्ण पर कब्जा जमा लिया।
टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस जीत के साथ पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए सीधे क्वालीफाई कर गई है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम की यह जीत एशियाई खेलों में उनकी सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई।
