आगरा, 12 अक्टूबर(युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश उद्यमी महा अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिरकत करने पहुँचे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में जो भी कानून से खिलवाड़ करेगा और नियमों का उल्लंघन करेगा उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। तीन महीने के भीतर लघु उद्यमियों के साथ तीसरी बार संवाद कर रहा हूँ,जो सौभाग्य की बात है।
भदोही में आयोजित हुए इंटरनेशनल कारपेट एक्सपो का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, पहले तो वहाँ के उद्यमियों को देखकर लगा कि कैसे उनकी उपेक्षा होती थी। प्रतिवर्ष लगभग 17 हजार करोड़ का कारपेट भारत निर्यात करता है। जिसमें 10 हजार करोड़ रुपए का कारपेट का निर्यात तो भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी से होता है।
आगे मुख्यमंत्री योगी ने लघु उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास में लघु उद्योग बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्योंकि यह पर्यावरण के सभी मानकों को पूरा करते हुए कम खर्च में ज्यादा रोजगार का सृजन करता है। लघु उद्योग कम खर्च के साथ-साथ कम जगह में अधिक-से-अधिक परिवारों को आर्थिक स्वावलंबन का अवसर प्रदान करता है। लघु उद्योग के माध्यम से लोगों को स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना संभव हो पाया है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश को लघु उद्योगों की आधारभूमि बताते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही उत्तर प्रदेश लघु उद्योगों की आधारभूमि रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के उद्योग रहे हैं और उनका विकास हुआ है। मोदी जी के प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए एक जिला, एक उत्पाद की योजना की शुरुआत 2018 में की थी।
