तिरुवनंतपुरम, 13 अक्टूबर(युआईटीवी)- केरल सरकार से हॉकी स्वर्ण पदक विजेता पी.आर. श्रीजेश ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को मान्यता न मिलने पर नाराजगी जताई है। पी.आर. श्रीजेश ने इस पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश को गौरवान्वित करने के लिए उन्हें बधाई देने के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस उनके घर गए,किन्तु उनका स्वागत उनके राज्य से किसी ने भी नहीं किया।
19वें एशियाई खेल जो चीन के हांगझाऊ में आयोजित हुआ था,उसके हॉकी फाइनल में जापान को भारत ने 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल कर देश का मान बढ़ाया। इस मैच में भारतीय टीम की जीत में गोलकीपर श्रीजेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि उन्हें उनके राज्य से थोड़ी नाराजगी है। क्योंकि उनके राज्य से किसी ने भी इसके लिए उन्हें बधाई नहीं दी और ना ही किसी ने उनकी सराहना की।
गोलकीपर पी.आर. श्रीजेश ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के बारे में कहा कि ” मुझे बहुत खुशी है कि एशियाई खेल की मेरी उपलब्धि के लिए बंगाल के राज्यपाल मेरे घर आए और मुझे बधाई दी, लेकिन केरल के किसी भी व्यक्ति ने ऐसा नहीं किया। यहाँ तक कि ग्राम परिषद के सदस्य ने भी ऐसा नहीं किया। ये सब से एक गलत संदेश आने वाली पीढ़ी के लिए जा रहा है कि भले ही कोई स्वर्ण पदक जीते, यहाँ कोई इसकी सराहना नहीं करता। आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता। ”
आगे पी.आर. श्रीजेश ने हरियाणा सरकार के बारे में कहा कि,“मुझे पता चला कि स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए हरियाणा सरकार ने पुरस्कार राशि के तौर पर तीन करोड़ रुपये की घोषणा की है। ओडिशा के मुख्यमंत्री से मेरी टीम के साथी ने मुलाकात की, तो उन्हें 1.5 करोड़ रुपये का चेक दिया गया।”
इससे पूर्व शटलर एच.एस. प्रणय,ट्रिपल जम्पर एल्डहोस पॉल,अब्दुल्ला अबुबकर ने भी केरल सरकार से नाराजगी जताई थी। ये सभी खिलाड़ी राज्य छोड़ने की घोषणा की है। क्योंकि उन्हें कोई भी समर्थन या प्रेरणा पिनाराई विजयन सरकार के तरफ से नहीं मिल रहा है। इसके बाद हॉकी स्वर्ण पदक विजेता पी.आर. श्रीजेश ने भी अपनी पीड़ा को नाराजगी के तौर पर व्यक्त किया।

