गाजियाबाद, 20 अक्टूबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरआरटीएस कॉरिडोर के पहले फेज का उद्घाटन कर पहली रैपिडेक्स ट्रेन का तोहफा देश को दी है। आज सुबह 11:30 बजे साहिबाबाद स्टेशन पर प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखा कर रैपिडेक्स रेल का शुभारंभ किया और खुद टिकट खरीद कर प्लैटफ़ार्म में प्रवेश भी किया और यात्रा भी की।
इस उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी भी मौजूद रहे।
कुछ छात्र भी इस सफर के दौरान उनके साथ उपस्थित थे। इस सफर में प्रधानमंत्री आम आदमी की तरह सफर किए और सभी को संदेश दिया कि अब उत्तर प्रदेश के आम आदमी दुनिया की सबसे सर्वश्रेष्ठ हाई स्पीड ट्रेन में यात्रा करेंगे। इस हाई स्पीड ट्रेन से उनका सफर आसान,सुखद और सुंदर होगा। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के दौरान ट्रेन का टिकट भी स्वयं ख़रीदकर लोगों को यह संदेश दी कि बिना किसी परेशानी के आसानी से टिकट ख़रीदा जा सकता है और सफर का आनंद उठाया जा सकता है।
‘नए भारत के शिल्पकार’ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के साथ साहिबाबाद में गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के प्राथमिक खंड के उद्घाटन और ‘नमो भारत’ ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर… https://t.co/6TlNo2eYyo
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 20, 2023
देश की पहली रैपिड रेल को पीएम नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना कर,दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के पहले फेज का उद्घाटन कर दिया गया है। नमो भारत रेल के स्टैंडर्ड कोच में कुल 72 सीटें हैं। महिलाओं के लिए हर कोच में सीट को संरक्षित रखा गया है।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीसी कॉरिडोर के बारे में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनआरसीटीसी) के अधिकारियों ने बताया कि एआई से संचालित तकनीक से लैस सामान स्कैनिंग प्रणाली की व्यवस्था की गई है,जो प्रतिबंधित वस्तुओं की पहचान करने में सुरक्षा कर्मचारियों की मदद करेगी। यह सुरक्षा कर्मचारियों को सतर्क करेगी। पीएसडी के साथ रैपिड रेल के दरवाजे को जोड़ा जाएगा,जो ट्रेन अटेंडेंट की नियुक्ति करेगी। ताकि यात्रीगण सुरक्षित यात्रा कर सकें।
इसके अलावा व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए ट्रेन के अंतिम कोच में जगह मुहैया कराई जाएगी। प्रत्येक स्टेशन पर महिलाों के लिए शौचालय बनाए गए हैं और उन शौचालयों में बच्चों के डायपर बदलने की भी जगह बनाई गई है।
