गुरुग्राम, 4 नवंबर (युआईटीवी)- गुरुग्राम के सेक्टर 10ए स्थित आवास में सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) की पत्नी ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। मृतक रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी में तैनात था। उसकी पहचान राजबीर (49) के रूप में हुई। रेलवे पुलिस अधिकारी गुरुग्राम के शिकोहपुर गाँव में अपनी पत्नी आरती और बेटे अनु उर्फ यश के साथ रह रहा था।
पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा की सुबह करीब पाँच बजे की यह घटना है। सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) राजबीर नशे की हालत में था और उसका अपनी पत्नी के साथ तीखी बहस हुई थी। राजबीर के पास अवैध हथियार भी था और बहस के दौरान पत्नी आरती पर राजबीर ने गोली चला दी। जिससे वह घायल हो गई।
आगे पुलिस ने बताया कि हथियार बिस्तर पर गिर गया और महिला ने उसे उठाकर अपने पति राजबीर पर तीन गोलियाँ चलाईं। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राजबीर के बेटे यश ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया। राजबीर को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि आरती का इलाज चल रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस मामले में कहा कि, ” देशी पिस्तौल का इस्तेमाल इस अपराध में किया गया था। सहायक उप-निरीक्षक राजबीर की पत्नी आरती और उनके बेटे यश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और इस हत्या के पूरे मामले में उनके बेटे की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।”
राजबीर के बड़े भाई सतबीर सिंह ने इस मामले की शिकायत दर्ज करवाया है। जिसमें उन्होंने मृतक की पत्नी और बेटे पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजबीर ने अपने बेटे यश को सारी संपत्ति से बेदखल कर दिया था और यश बार-बार राजबीर पर दबाव डाल रहा था कि गाँव की जमीन उसके नाम पर कर दे। आगे सतबीर सिंह ने कहा कि साजिश के तहत मेरे भाई राजबीर को उसकी पत्नी और बेटे ने हत्या की है।
इस मामले की एफआईआर आईपीसी और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सेक्टर-10ए पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
डीसीपी (पश्चिम) भूपेंद्र सांगवान ने कहा, ” इस मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। घटना के पीछे साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। संदिग्धों से गहनता से पूछताछ की जाएगी।”
