जयपुर,18 नवंबर (युआईटीवी)- राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान को पार्टी का एटीएम बना दिया है। राज्य में कथित भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर अमित शाह राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राजस्थान में भाजपा सत्ता में आएगी तो भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। राजस्थान के अजमेर जिले में अमित शाह ने एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ” मैं यहाँ के जनता से अनुरोध करता हूँ कि वे सभी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बनाने में सहयोग करें। जितने भी भ्रष्टाचार के मामले हैं,हम सभी की जाँच करेंगे और जिन लोगों ने गरीबों का पैसा लिया है, उनपर भी कार्यवाही की जाएगी।
‘लाल डायरी’ मुद्दे पर शाह ने मुख्यमंत्री गहलोत पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले पाँच साल से कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। पूरे राजस्थान को गहलोत सरकार ने कांग्रेस का एटीएम बना दिया है। कांग्रेस को जब भी पैसे की आवश्यकता होती है, पैसे लेने के लिए दिल्ली से उसके नेता राजस्थान आते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में महिलाओं एवं दलितों से अत्याचार,अपराध काफी बढ़ गया है। इस मामले में राजस्थान प्रथम नंबर पर रहा है।
उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के मामले में आज राजस्थान नंबर वन है। राजस्थान साइबर अपराध में,महिला के साथ दुष्कर्म मामले में ,पेट्रोल-डीजल के दाम में, मंडी के कर में,पेपर लीक इत्यादि में भी में भी प्रथम स्थान पर है। गहलोत सरकार ने राजस्थान की जनता का जीना दूभर कर दिया है।”
कांग्रेस को अमित शाह ने एक परिवार आधारित पार्टी बताते हुए कहा कि, “एक ओर अशोक गहलोत राजस्थान में वैभव गहलोत को लॉन्च करना चाहते हैं और वहीं दूसरी ओर केंद्र में राहुल गांधी को सोनिया गांधी लॉन्च करना चाहती हैं। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मैं बताना चाहूँगा कि आपका लॉन्चिंग पैड खराब हो चुका है।”
राहुल गांधी को पिछले 15 साल से लॉन्च करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन वह रॉकेट उड़ नहीं पाता, बल्कि हर बार वापस आ जाता है। 2019 में वैभव गहलोत जोधपुर से चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार गए। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में घोटाले के बारे में अमित शाह ने कहा कि पिछले पाँच सालों में भर्ती परीक्षाओं के पेपर बार-बार लीक हुए, जिससे 1.40 करोड़ युवाओं का भविष्य खराब हो गया।
अमित शाह ने राजस्थान में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, ” राजस्थान में माताएँ -बहनें असुरक्षित हैं। राजस्थान में कन्हैया लाल हत्याकांड हुआ था। उदयपुर के व्यस्त हाथीपोल इलाके में दिन दहाड़े एक दर्जी कन्हैया लाल को दो हथियारबंद लोगों ने हत्या कर दी। लेकिन इस मामले में गहलोत सरकार कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। टोंक और डूंगरपुर में 2019 में दंगे हुए,बारां और झालावाड़ में 2021 में दंगे हुए , 2022 में भीलवाड़ा,छबड़ा,जोधपुर,करौली,जयपुर,नोहर,मालपुरा इत्यादि क्षेत्रों में दंगे हुए। लेकिन वोट बैंक की राजनीति के लालच में सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”
यह रिसॉर्ट्स में रहने वाली सरकार है। 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत के बाद राज्य में राजनीतिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उस ओर इशारा करते हुए उन्होंने जनता से सवाल पूछा, ” जो लोग अपनी सरकार नहीं बचा सकते क्या वे हमारी सीमाओं की रक्षा कर सकते हैं?”
अमित शाह ने पुनः गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, ” गहलोत सरकार वोट बैंक की राजनीति करने वाली सरकार है। इन्होंने अपनी सारी हदें पार कर दीं हैं। सालासर में राम दरबार पर बुलडोजर चलाया गया, अलवर में 300 साल पुराना शिव मंदिर तोड़ा गया, एक संत ने अवैध खनन के विरोध में आत्महत्या कर ली। ऐसी कई घटनाएँ हैं,जो राजस्थान से सामने आईं।
मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए अमित शाह ने कहा कि, ” मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर देश की रक्षा के लिए काम किया है,पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाया। यदि फिर से राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में आएगी तो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को खुली छूट मिल जाएगी। जिससे राजस्थान कभी सुरक्षित नहीं रहेगा।’’
इस जन सभा के बाद भाजपा नेता ने अजमेर में रोड शो किया और नसीराबाद में भी जनसभा की।
25 नवंबर को राजस्थान मतदान होगा और तीन दिसंबर को परिणाम घोषित किए जाएँगे।
