दुबई,22 नवंबर (युआईटीवी)- श्रीलंका क्रिकेट टीमों की देश की सदस्यता अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा निलंबित कर दी गई है। इसके बावजूद श्रीलंका की टीमों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति मिली है। अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में श्रीलंका की टीमें हिस्सा लेना जारी रख सकती हैं।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने श्रीलंका को आईसीसी आयोजनों और द्विपक्षीय श्रृंखला में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी है। जिसकी घोषणा आईसीसी ने मंगलवार को की। इसके साथ ही श्रीलंका क्रिकेट के वित्त पोषण का नियंत्रण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपने हाथ में ले लिया है।
अंडर19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2024 की मेजबानी श्रीलंका कर रहा था। यह जनवरी से फरवरी 2024 को खेला जाने वाला है। लेकिन श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के निलंबन के कारण इसे अब दक्षिण अफ्रीका में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का पंद्रहवां संस्करण होने वाला है। अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का मौजूदा चैंपियन भारत है।
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) बोर्ड ने बैठक कर यह निर्णय लेते हुए ,श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के निलंबन की शर्तों की पुष्टि की।

एक बयान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा कि, ” आईसीसी बोर्ड ने श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के प्रतिनिधित्व को सुना और उसके बाद निर्णय लिया कि श्रीलंका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर द्विपक्षीय क्रिकेट और आईसीसी प्रतियोगिताओं दोनों में प्रतिस्पर्धा करना जारी रख सकता है। हाल ही में उन्हें निलंबित किया गया था,क्योंकि उन्होंने एक सदस्य के रूप में अपने दायित्वों का उल्लंघन किया था।”
आईसीसी द्वारा एसएलसी की फंडिंग को नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही आईसीसी बोर्ड ने पुष्टि की है कि, “आईसीसी अंडर19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2024 की मेजबानी अब श्रीलंका नहीं करेगा। अब अब इस टूर्नामेंट का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया जाएगा।”
खेल के संचालन में देश की सरकार द्वारा हस्तक्षेप के कारण श्रीलंका क्रिकेट की सदस्यता को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने निलंबित कर दी थी।
11 नवंबर को आईसीसी बोर्ड की एक बैठक हुई और इस बैठक में निर्णय लिया गया कि अपने दायित्वों का एक सदस्य के रूप में श्रीलंका क्रिकेट गंभीर उल्लंघन कर रहा है।
श्रीलंका संसद ने सर्वसम्मति से एक संयुक्त प्रस्ताव पारित किया था,जिसके अनुसार देश में खेल की संचालन संस्था श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के पदाधिकारियों को हटाया जा सकता है। जिसके बारे में सांसदों ने दावा किया था कि यह ‘भ्रष्ट’ है।
बिना वोट के ही ‘एसएलसी से अध्यक्ष सहित भ्रष्ट पदाधिकारियों को हटाने’ नामक प्रस्ताव को पारित करने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों ने इस मामले में एक दुर्लभ एकजुटता दिखाते हुए,आपस में हाथ मिलाया।
