नई दिल्ली, 5 जनवरी (युआईटीवी)- भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने केपटाउन टेस्ट जीत पर कहा कि इस बार टीम पूरी तरह से तैयार थी। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच खेला गया। इस मैच में उस मानसिक बदलाव के बारे में केएल राहुल ने खुलासा किया,जिसके कारण भारत ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराकर सीरीज 1-1 से बराबरी की।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला खेली गई। जिसका पहला टेस्ट सेंचुरियन में खेला गया था,जहाँ भारतीय टीम बुरी तरह से हार गई थी और भारत टेस्ट श्रृंखला में एक मैच से पिछड़ गई। लेकिन दूसरे मैच में भारत ने अच्छी वापसी की और मेजबान दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराकर श्रृंखला बराबर कर ली। दूसरा टेस्ट मैच सिर्फ 624 गेंदों (107 ओवर) में ही समाप्त जो गया,जो टेस्ट मैच खेल के सबसे लंबे प्रारूप के इतिहास में केप टाउन टेस्ट अब तक का सबसे कम समय में पूरा होने वाला मैच बन गया।
भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने पहला टेस्ट मैच जो सेंचुरियन में खेला गया था के बारे में विचार करते हुए विपक्षी टीम दक्षिण अफ्रीका के द्वारा पेश की गई चुनौती को स्वीकार किया।
केएल राहुल स्टार स्पोर्ट्स ‘बिलीव’ सीरीज़ पर कहा कि, ” केपटाउन टेस्ट के लिए दृष्टिकोण और योजना में बदलाव किया गया था। पहले मैच के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने शानदार प्रदर्शन किया था,लेकिन हम अपने पहले मैच के दौरान बल्लेबाजी या गेंदबाजी के मामले में 100 प्रतिशत नहीं थे।”
आगे उन्होंने कहा कि हमें अपने देश के लिए खेलना पसंद है और हम टेस्ट क्रिकेट खेलने का आनंद लेते हैं। भारत के बाहर टेस्ट जीतना हमारे लिए बहुत मायने रखता है। पिछले 4-5 वर्षों से हम एक ऐसी टीम के रूप में उभरे हैं,जो सही मायने में प्रतिस्पर्धी है। हमारी इस टीम ने भारत के बाहर भी श्रृंखलाएँ जीतने में कामयाबी हासिल की है। ”
लेकिन,मुझे ऐसा लगता है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट मैच जो सेंचुरियन में हुआ था,उसके लिए हम पूरी तरह से तैयार नहीं थे। उस हार से हमें सबक मिला। हमें दूसरे टेस्ट से पहले अपनी तैयारी पुख्ता करने के लिए थोड़ा समय भी मिला,जिससे हमने शानदार वापसी की। अपने देश से बाहर यह जीत हमें बताती है कि अपने देश के लिए खेलना और जीतना हमारे लिए कितना महत्व रखता है।
