ढाका, 8 जनवरी (युआईटीवी)- प्रधान मंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में भारी बहुमत हासिल किया है। लगातार चौथी बार उनकी पार्टी अवामी लीग ने जीत हासिल की है। एक चुनाव अधिकारी के हवाले से मीडिया ने यह जानकारी दी है।
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक,299 में से 216 सीटें पर हसीना की पार्टी ने जीत हासिल किया है। बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में चुनाव अभियान हिंसा से भरा रहा और इसी दौरान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) जो मुख्य विपक्षी पार्टी है,उसने इस चुनाव का बहिष्कार किया। जिसके बाद प्रधान मंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को भारी बहुमत हासिल होने की पुष्टि कई मीडिया रिपोर्टों ने की।
अधिकारी ने बताया कि, ” 50 प्रतिशत से अधिक सीटों पर सत्तारूढ़ अवामी लीग पार्टी ने जीत हासिल की है।”
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान के नतीजे पर सोमवार देर रात चुनाव आयोग द्वारा अंतिम आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है।
बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनाव के बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त काज़ी हबीबुल अवल ने बताया कि 120 मिलियन लोग मतदान देने के हकदार थे,जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत लोगों ने ही मतदान किया।
स्थानीय टीवी स्टेशनों के अनुसार, 52 सीटों पर स्वतंत्र उम्मीदवारों ने जीत हासिल की,जबकि मात्र 11 सीटों पर ही देश की तीसरी सबसे बड़ी जातीय पार्टी जीत हासिल करने में कामयाब हो सकीं।
प्रधान मंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने बहुमत का आँकड़ा पार लिया है और गणना अभी भी जारी है। यह उनका पाँचवा कार्यकाल होगा,जब वह बांग्लादेश के प्रधान मंत्री के रूप में पुनः चुनी जाएँगी।
हजारों प्रतिद्वंद्वी राजनेताओं को चुनाव से पहले हसीना की सरकार ने गिरफ्तार कर लिया था। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व में चुनावों का बहिष्कार किया।
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद घर में नजरबंद हैं।
इस बीच,गोपालगंज -3 निर्वाचन क्षेत्र से प्रधान मंत्री हसीना संसद के लिए फिर से चुनी गईं। गोपालगंज-3 सीट से 1986 के बाद से हसीना आठवीं बार संसद पहुँची हैं।
बीडीन्यूज24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 249,965 वोट हसीना को मिले हैं,जबकि सिर्फ 469 वोट उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश सुप्रीम पार्टी के एम. निज़ाम उद्दीन लश्कर को मिले हैं।
76 वर्षीय हसीना इस जीत से देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली नेता बन गईं हैं।
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव परिणाम को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बीएनपी ने मानने से इनकार कर दिया।
कम से कम 18 आगजनी की घटनाएँ चुनाव की तैयारी में घटित हुई। एक ट्रेन पर हुई घटना भी इनमें शामिल है,जो शुक्रवार की रात को हुई। इस घटना में चार लोगोंं की मौत भी हो गई।
बीएनपी और उसकी युवा शाखा से जुड़े सात लोगों को इस ट्रेन हमले में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था।
चुनाव का बचाव करते हुए शेख हसीना सरकार ने कहा कि इसमें 404 स्वतंत्र उम्मीदवारों और 27 दलों ने हिस्सा लिया था।
