नई दिल्ली,नई दिल्ली,8 अप्रैल (युआईटीवी)- भारत राष्ट्र समिति की एमएलसी के. कविता को कथित शराब नीति घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। के. कविता पर आरोप है कि वह 100 करोड़ रुपये की रिश्वत में सक्रिय रूप से शामिल थी।
भारतीय राष्ट्र समिति की नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने अपने 16 वर्षीय बेटे की परीक्षा के आधार पर अंतरिम जमानत के लिए आवेदन दिया था। 4 अप्रैल को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में कविता और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें दी,जिस पर कोर्ट ने अपने आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया और वह न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल तक हैं।
के. कविता की याचिका को सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने खारिज कर दी और कहा कि उन्हें अंतरिम जमानत देने के लिए यह उचित समय नहीं है।
सुनवाई के दौरान महिलाओं को अपवाद प्रदान करने वाली पीएमएलए की धारा 45 और एक प्रावधान का हवाला देते हुए के. कविता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बच्चा गोद में है या छोटा है,वह 16 साल का है। लेकिन मुद्दा यहाँ अपने बच्चे के लिए एक माँ का नैतिक और भावनात्मक समर्थन का है। पहले ही के. कविता के बेटे को उनकी गिरफ्तारी से ट्रॉमा पहुँच चुका है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा की बात का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों पर परीक्षा के दौरान दबाव होता है और इसीलिए परीक्षा की चिंता से निपटने के बारे में रेडियो पर प्रधानमंत्री खुद व्याख्यान देते हैं। एक माँ का अपने बच्चे के प्रति भावनात्मक समर्थन को कोई और प्रतिस्थापित नहीं कर सकता है। अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा कि के. कविता से ईडी को किसी भी तत्काल पूछताछ की जरुरत नहीं है और उन्हें इस आधार पर अंतरिम जमानत दी जा सकती है।
के. कविता की अंतरिम जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय ने आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि पीएमएलए की धारा 45 के तहत प्रावधान का,मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें लाभ नहीं मिलना चाहिए। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील जोहेब हुसैन ने तर्क दिया कि जो महिलाएँ सार्वजनिक जीवन में हैं और राजनेता हैं,उन पर यह प्रावधान लागू नहीं होता है। ईडी के वकील ने दावा किया कि दिल्ली शराब नीति मामले में के. कविता रिश्वत की व्यवस्था करने के साथ-साथ उसमें लाभार्थी भी थी।
कोर्ट में ईडी ने तर्क दिया कि गवाहों और आरोपियों के बयानों के आधार पर ही के. कविता पर आरोप नहीं लगे हैं,बल्कि उन पर दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट के आधार पर भी आरोप लगे हैं। आरोपितों द्वारा इस मामले में कई फोन नष्ट कर दिए गए हैं और उन्होंने फोन का डेटा भी डिलीट कर दिया है। अदालत में प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि दिल्ली शराब नीति मामले की जाँच में हमें सफलता प्राप्त होने वाला है और ऐसे समय में यदि के. कविता को अंतरिम जमानत मिल जाती है,तो इसमें बाधा उत्पन्न हो सकता है।
पिछले हफ्ते, उन्होंने उस सीबीआई याचिका का विरोध किया था,जिसमें उनसे तिहाड़ जेल में पूछताछ कर बयान दर्ज करने की माँग की गई थी। सीबीआई को अदालत ने 5 अप्रैल को अनुमति दी थी कि वह कविता से तिहाड़ जेल में पूछताछ कर,उनके बयान दर्ज कर ले।
सीबीआई द्वारा कविता की याचिका पर जवाब देने के लिए समय की माँग किए जाने के बाद,अदालत 10 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई करेगी।
कविता के वकील नितेश राणा ने 6 अप्रैल को अदालत को बताया था कि उनकी पीठ पीछे जाँच एजेंसी ने याचिका दायर की और जरुरी सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।
ईडी ने कविता को दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाला मामले में हैदराबाद से 15 मार्च को गिरफ्तार किया था।

