तेल अवीव,4 मई (युआईटीवी)- इजरायली बंधकों को रिहा करने के लिए हमास ने अपनी सहमति दे दी है। लेकिन इजरायल द्वारा प्रस्तावित 33 बंधकों के बजाय हमास ने 20 इजराइली बंधकों को रिहा करने पर सहमति जताई है। इजरायल ने 33 बंधकों को छोड़ने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन हमास ने अपनी हिरासत में मौजूद 20 इजरायली बंधकों को रिहा करने पर सहमति जताई है।
इजरायल के रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि कतर और मिस्र के मध्यस्थों को हमास ने सूचित किया है कि वह 20 इजरायली बंधकों को रिहा करने का फैसला किया है,जिसमें महिलाएँ,बुजुर्ग और बीमार शामिल हैं। हालाँकि,अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा हमास या मध्यस्थ देशों की ओर से नहीं किया गया है।
इजरायल के साथ युद्धविराम और इजरायली बंधकों की रिहाई के वार्ता के लिए हमास नेताओं का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल खलील अल-हायवा के नेतृत्व में मिस्र की राजधानी काहिरा पहुँच गया है। अल-हायवा के साथ जहीर जबरीन और गाजी हमद भी इस तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
बातचीत के लिए इजरायली प्रतिनिधिमंडल काहिरा में है। इजरायली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया कर रहे हैं। मध्यस्थता वार्ता की निगरानी के लिए अमेरिकी एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स भी काहिरा पहुँच गए हैं। वार्ता में मध्यस्थता की भूमिका कतर और मिस्र निभा रहे हैं।
पहले इजरायल द्वारा इजरायली जेलों में कैद लगभग 600 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में हमास की हिरासत में बंद अपने 33 बंधकों की रिहाई का प्रस्ताव रखा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,40 दिनों के लिए हमास ने युद्धविराम और उसके बाद इजरायली सेना की गाजा पट्टी से वापसी की भी माँग की है।
हालाँकि,मध्यस्थों को पहले ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सूचित कर दिया है कि यदि मध्यस्थता वार्ता आगे नहीं बढ़ रही है तो अगले शुक्रवार तक इजरायली सेना गाजा पट्टी के राफा क्षेत्र पर आक्रमण करेगी।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,अमेरिका से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि गाजा पट्टी के राफा क्षेत्र पर सैन्य अभियान के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। ताकि हमास को हराया जा सके और इजरायल के पास से अपने बंधकों को छुड़ा सके।

