प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मोदी सरकार का वर्तमान कार्यकाल में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ लागू काने का है लक्ष्य :सूत्र

नई दिल्ली, 16 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ नीति को लागू करने की तैयारी में लगी हुई है। आईएएनएस को उच्च पदस्थ सूत्रों से जानकारी मिली है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ नीति को सरकार अपने वर्तमान कार्यकाल के समाप्ति से पहले लागू करना चाहती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,अपने मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने से पहले सरकार ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ नीति के लागू करने के बारे में पूर्ण रूप से आशावादी है। सरकार को इस सुधार के लिए अपने सहयोगियों के समर्थन से पर्याप्त समर्थन मिलने का भरोसा है। शासन व्यवस्था को प्रभावशाली बनाने के सोच के साथ ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लागू किए जाने की बात कही जा रही है।

जो भी राजनीतिक दल ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का समर्थन कर रहा है,उनका मानना है कि इसके लागू हो जाने से शासन व्यवस्था प्रभावशाली हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि वे सभी इस पहल का समर्थन करें। उनका कहना है कि विकास कार्य लगातार चुनाव से प्रभावित होते हैं।

भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में एक साथ चुनाव की अवधारणा एक प्रमुख संकल्‍प था। पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता वाले पैनल द्वारा इस साल की शुरुआत में इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया था,जिसके बाद से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की प्रक्रिया जोर पकड़ रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पैनल ने रिपोर्ट प्रस्तुत किया और जोरदार समर्थन किया कि लोकसभा तथा विधानसभा का चुनाव एक साथ करवाया जाए।

शीर्ष सूत्रों द्वारा सरकार के जनगणना की तैयारी की शुरुआत किए जाने की भी जानकारी दी गई है,लेकिन अभी तक सर्वेक्षण में जाति कॉलम के शामिल किए जाने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि,जल्द ही दशकीय जनगणना का आयोजन किया जाएगा। साल 1881 से भारत हर दशक में जनगणना करता आ रहा है। 1 अप्रैल,2020 से इस दशक की जनगणना का पहले चरण को शुरू किया जाना था,लेकिन इस जनगणना को कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया।