नयी दिल्ली,21 सितंबर (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शनिवार शाम को आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी राज निवास में आयोजित एक समारोह में दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। वर्तमान में आतिशी वित्त, शिक्षा एवं पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) समेत कई विभागों की जिम्मेदारी सँभाल रही हैं।
इसके साथ ही दिल्ली में लगातार चौथी बार आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का गठन करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे आतिशी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी साथ ही मंत्रिपरिषद को भी शपथ दिलाया जाएगा। आतिशी के साथ ही 5 कैबिनेट मंत्री गोपाल राय,सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत,मुकेश अहलावत,इमरान हुसैन भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेंगे।
गोपाल राय,सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत,मुकेश अहलावत,इमरान हुसैन ‘आप’ द्वारा घोषित नयी मंत्रिपरिषद में शामिल होंगे। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार में गोपाल राय, कैलाश गहलोत,सौरभ भारद्वाज तथा इमरान हुसैन मंत्री हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री बनते ही आतिशी देश की 17वीं महिला मुख्यमंत्री बन जाएँगी।
अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद आतिशी को आम आदमी पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया। जब आतिशी को विधायक दल का नेता चुना गया,तो उसके बाद आतिशी ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। उपराज्यपाल से उन्होंने मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण की तारीख तय करने की माँग की। 21 सितंबर को शाम 4:30 बजे आतिशी का शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर नई सरकार के दिशा तथा नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका के निर्वाहन के लिए पाँच कैबिनेट मंत्री भी उनके साथ शपथ ग्रहण करेंगे।
इसके अलावा,दिल्ली सरकार ने आतिशी को बहुमत सिद्ध करने के लिए 26 और 27 सितंबर को दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाने का फैसला लिया है।
शुक्रवार शाम को उपराज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों ने बताया था कि अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है और आतिशी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ ग्रहण की तिथि से दिल्ली का मुख्यमंत्री नियुक्त किया है।
उन्होंने बताया कि पाँच मंत्रियों की नियुक्ति को भी राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है।
‘आप’ के एक नेता के मुताबिक,पार्टी में केजरीवाल के इस्तीफे के कारण माहौल ज्यादा अच्छा नहीं है और शपथ ग्रहण की तिथि की मंजूरी मिलने में देरी के कारण तैयारी के लिए अधिक समय नहीं मिला,इसलिए शपथ ग्रहण समारोह सादगी से होगा।
बता दें कि,रविवार को अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली की जनता जब तक उन्हें ईमानदारी का प्रमाणपत्र नहीं दे देती है,तब तक वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। केजरीवाल ने इस ऐलान के बाद एलजी से मुलाकात किया और उन्हें अपना पद से इस्तीफा दे दिया था।
