मुल्तान (पाकिस्तान),11 अक्टूबर (युआईटीवी)- मुल्तान (पाकिस्तान) में खेले गए पहले टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने एक ऐतिहासिक तिहरा शतक जड़ते हुए 34 साल बाद इंग्लैंड के लिए टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया। उनकी यह पारी और जो रूट के साथ रिकॉर्ड-तोड़ साझेदारी ने इंग्लैंड को पाकिस्तान पर एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर किया। ब्रूक ने 317 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि रूट ने 262 रन बनाए, जिससे इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 823/7 पर घोषित कर दी।
ब्रूक और रूट ने 454 रनों की साझेदारी की,जो न केवल टेस्ट क्रिकेट में अब तक की चौथी सबसे बड़ी साझेदारी बन गई,बल्कि यह इंग्लैंड के इतिहास में सबसे बड़ी साझेदारी भी है। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को पाकिस्तान के खिलाफ बड़े स्कोर तक पहुँचाया,जिससे इंग्लैंड ने 267 रनों की बढ़त हासिल की। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक पाकिस्तान की स्थिति खराब रही,जब उनका स्कोर 152/6 था, जबकि उन्हें अभी भी इंग्लैंड की बढ़त को पार करने के लिए 115 रनों की आवश्यकता थी।
इस मैच में सबसे खास पल निस्संदेह ब्रूक की शानदार पारी रही। उन्होंने 322 गेंदों का सामना करते हुए 29 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 317 रन बनाए। इस पारी के साथ ही ब्रूक पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं, उन्होंने 1954 में डेनिस कॉम्पटन द्वारा बनाए गए 278 रनों को पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा, यह एशिया में किसी इंग्लिश बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी है, इससे पहले यह रिकॉर्ड एलिस्टर कुक के नाम था, जिन्होंने 2015 में पाकिस्तान के खिलाफ अबू धाबी में 263 रन बनाए थे।
जो रूट का 262 रन का स्कोर भी उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर बन गया है, जो उन्होंने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ बनाए 254 रनों से बेहतर किया। रूट ने इस मैच में अपना छठा दोहरा शतक जड़ा, जिससे वह इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक को पीछे छोड़कर दोहरे शतकों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुँच गए। टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक दोहरे शतक बनाने वालों की सर्वकालिक सूची में रूट अब संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर हैं।
रूट ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। वह एशिया के बाहर एकमात्र ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने एशिया में तीन दोहरे शतक लगाए हैं। इस उपलब्धि के साथ रूट ने एबी डिविलियर्स,स्टीफन फ्लेमिंग,रोहन कन्हाई,ब्रायन लारा,ग्रीम स्मिथ और ब्रेंडन मैकुलम जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम एशिया में दो-दो दोहरे शतक हैं।
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भी इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया। गस एटकिंसन और ब्रायडन कार्स ने नई गेंद के साथ बेहतरीन गेंदबाजी की और पाकिस्तान के बल्लेबाजों को दबाव में रखा। पाकिस्तान की टीम,जो पहले से ही टेस्ट क्रिकेट में एक कठिन दौर से गुजर रही है,इस मैच में भी संघर्ष करती नजर आई।
अबरार अहमद की गैरमौजूदगी ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दीं,क्योंकि उन्हें बुखार और शरीर में दर्द के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पाकिस्तान की बल्लेबाजी और भी कमजोर हो गई और इंग्लैंड ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया।
कुल मिलाकर, इंग्लैंड के लिए यह एक यादगार दिन साबित हुआ, जहाँ उनके बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने मिलकर पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा और उन्हें एक बड़ी हार की ओर धकेल दिया।
