वाशिंगटन,14 अक्टूबर (युआईटीवी)- कैलिफोर्निया के कोचेला में आयोजित एक रैली के दौरान,पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगने से पहले ही एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संदिग्ध का नाम वेम मिलर बताया गया है, जिसकी उम्र 49 वर्ष है। मिलर को पुलिसकर्मियों ने तब रोका,जब वह एक काले रंग की एसयूवी चला रहा था। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में उसके पास से दो बंदूकें और एक हाई-कैपेसिटी मैगजीन बरामद हुईं। इसके अलावा, उसके पास से कई फर्जी पासपोर्ट भी मिले।
यह घटना तब हुई जब ट्रंप की रैली की तैयारियाँ चल रही थीं और यह सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय बन गया था। यूएस सीक्रेट सर्विस ने इस बात की पुष्टि की है कि इस घटना से ट्रंप की सुरक्षा पर कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं था। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से सुरक्षा अभियानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हालाँकि, इस घटना ने ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को एक बार फिर से सामने ला दिया है।
रिवरसाइड काउंटी शेरिफ के कार्यालय के अनुसार, मिलर को बिना किसी हिंसक घटना को अंजाम दिए हिरासत में ले लिया गया था। उसके खिलाफ अवैध रूप से भरी हुई बंदूक और उच्च क्षमता वाली मैगजीन रखने का मामला दर्ज किया गया है। शेरिफ चैड बियान्को,जो स्वयं एक निर्वाचित अधिकारी हैं और ट्रंप के समर्थक माने जाते हैं, ने बताया कि संदिग्ध मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है। शेरिफ ने कहा कि यह अनुमान लगाना कठिन है कि मिलर के मन में क्या चल रहा था और उसके इरादे क्या थे। हालाँकि, शेरिफ ने यह भी दावा किया कि उनके अधिकारियों ने ट्रंप पर संभावित तीसरे हत्या के प्रयास को विफल किया।
शेरिफ बियान्को ने बताया कि यह घटना ट्रंप के मंच पर आने से ठीक एक घंटे पहले की है। यह ट्रंप के खिलाफ कथित हमलों की तीसरी नाकाम कोशिश मानी जा रही है। हालाँकि, संघीय अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि इस घटना से किसी हत्या के प्रयास का संकेत मिलता है। वे अब भी घटना की गहन जाँच कर रहे हैं।
गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस को संदिग्ध की कार से कई फर्जी पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस मिले। इसके अलावा,उसकी गाड़ी पर लगे लाइसेंस प्लेट भी फर्जी निकले। शेरिफ बियान्को ने यह बताया कि यह लाइसेंस प्लेट घर पर ही बनाई गई थी और पंजीकृत नहीं थी। संदिग्ध ने पुलिस को यह भी बताया कि वह सॉवरेन सिटीजन नामक एक समूह का सदस्य है। शेरिफ ने यह स्पष्ट किया कि यह समूह उग्रवादी नहीं है,लेकिन इसके सदस्य सरकार और सरकारी नियंत्रण को मान्यता नहीं देते। उनका मानना है कि सरकार और कानून उन पर लागू नहीं होते।
इस घटना से पहले,मिलर को अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और कुछ ही दिन पहले वह 5,000 डॉलर की जमानत पर रिहा हुआ था। इस बार,उसकी गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस,एफबीआई और अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय को इस बारे में सूचित किया गया है। इन एजेंसियों ने यह स्पष्ट किया है कि घटना से सुरक्षा अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ा और पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर कोई खतरा नहीं था।
हालाँकि,संघीय अधिकारियों ने अब तक मिलर के खिलाफ कोई संघीय आरोप नहीं लगाया है, लेकिन वे घटना की जाँच कर रहे हैं। सीक्रेट सर्विस और एफबीआई ने स्थानीय अधिकारियों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया,जिन्होंने इस घटना की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद ट्रंप की सुरक्षा को और भी कड़ा कर दिया गया है।
इस घटना से पहले, ट्रंप ने बटलर, पेंसिल्वेनिया में अपनी एक और रैली की थी, जहाँ उनके एक समर्थक की स्नाइपर द्वारा गोली चलाने के बाद मौत हो गई थी। उस घटना में ट्रंप भी घायल हो गए थे, क्योंकि गोली उनके कान के पास से गुजरते हुए निकली थी। यह ट्रंप पर पहला कथित हमला था। वहीं, दूसरी घटना सितंबर में हुई थी,जब ट्रंप गोल्फ खेल रहे थे। उस समय, उनकी सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने मैदान के किनारे झाड़ियों के बीच एक संदिग्ध को देखा था, जो राइफल के साथ छिपा हुआ था। इस संदिग्ध को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था।
इन तीन घटनाओं के बाद, ट्रंप की सुरक्षा को लेकर अब और भी सख्ती बरती जा रही है। हालाँकि, संघीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अभी भी इन सभी घटनाओं की जाँच कर रहे हैं और अभी तक किसी स्पष्ट हत्या के प्रयास का सबूत नहीं मिला है।
यह घटना एक बार फिर से यह दर्शाती है कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। उनके समर्थन में आयोजित रैलियों के दौरान सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रहना पड़ता है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता और विवादित व्यक्तित्व के कारण उनके खिलाफ हमले की आशंका हमेशा बनी रहती है।
