न्यूयॉर्क (वीएनएस),2 नवंबर (युआईटीवी)- ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया है,ठीक उसी समय जब अमेरिका में चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है। अमेरिका में 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होने वाली है, जिसके चलते चुनावी गतिविधियों में तेजी आ गई है।
बोरिस जॉनसन ने यूएसए टुडे को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप की अप्रत्याशितता को एक सकारात्मक गुण बताते हुए कहा कि यह एक तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अच्छे व्यवहार का संकेत है। जॉनसन ने बताया कि कई विदेशी नेता ट्रंप को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह चिंता जरूरी नहीं कि बुरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रंप व्हाइट हाउस में होते, तो शायद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर आक्रमण नहीं किया होता। जॉनसन ने यह विश्वास व्यक्त किया कि ट्रंप की मौजूदगी में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती,जिससे युद्ध की नौबत आती।
जॉनसन, जो 2016 से 2018 तक ब्रिटेन के विदेश मंत्री रहे और उसके बाद 2022 तक प्रधानमंत्री रहे, ने यह स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी राजनीति में किसी एक उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी लोगों का निर्णय है कि वे किसे चुनते हैं।
जॉनसन ने 2017 में नाटो शिखर सम्मेलन की मीटिंग का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप के व्यवहार को गलत समझा गया था। उन्होंने बताया कि उस समय ट्रंप ने तैयार भाषण को फाड़कर नेताओं पर व्यंग्य किया था,लेकिन उनका असली उद्देश्य अमेरिकी और ब्रिटिश नीतियों को लागू करना था,न कि नाटो से बाहर निकलने की धमकी देना।
इस प्रकार, जॉनसन का ट्रंप के प्रति समर्थन और उनकी टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि वे अमेरिकी राजनीति में ट्रंप के प्रभाव और नेतृत्व के पक्ष में हैं।