संजू सैमसन और तिलक वर्मा (तस्वीर क्रेडिट@vinodmittal9)

भारत ने चौथे टी20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 135 रनों से हराया, 3-1 से सीरीज पर किया कब्जा

जोहान्सबर्ग,16 नवंबर (युआईटीवी)- भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टी20 मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए चार मैचों की श्रृंखला को 3-1 से अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारत ने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। संजू सैमसन और तिलक वर्मा के शानदार नाबाद शतकों के दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका खिलाफ 283/1 का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका को मात्र 148 रनों पर समेट दिया,जिससे भारत ने 135 रनों से बड़ी जीत दर्ज की।

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन और तिलक वर्मा ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। सैमसन ने 56 गेंदों में नाबाद 109 रन बनाए,जबकि तिलक वर्मा ने 47 गेंदों में नाबाद 120 रन ठोक दिए। इन दोनों बल्लेबाजों ने 210 रनों की अविजित साझेदारी की,जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है।

सैमसन ने अपनी पारी में नौ छक्के और छह चौके जड़े,जबकि तिलक ने 10 छक्के और नौ चौके लगाए। इस धमाकेदार बल्लेबाजी के दौरान भारत ने कुल 23 छक्के और 17 चौके लगाए। यह किसी भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का रिकॉर्ड है।

भारत ने पावरप्ले में 73/1 का स्कोर बनाया। अभिषेक शर्मा ने 18 गेंदों में चार छक्कों और दो चौकों की मदद से 36 रन बनाए और सैमसन के साथ पहले विकेट के लिए 5.5 ओवर में 73 रन जोड़े। शर्मा के आउट होने के बाद सैमसन और तिलक वर्मा ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। भारत ने 100 रन 8.3 ओवर में और 200 रन 14.1 ओवर में पूरे कर लिए।

सैमसन टी20 में तीन शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं, तिलक वर्मा लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बने।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह ने अपने पहले दो ओवरों में ही तीन विकेट झटक लिए। उन्होंने रेजा हेंड्रिक्स (0), एडेन मार्कराम (8) और हेनरिक क्लासेन (0) को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को शुरुआती झटके दिए। उनके इस प्रदर्शन के कारण पहले तीन ओवरों में ही दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 10/4 हो गया।

हार्दिक पंड्या ने रयान रिकेलटन (1) को आउट कर पाँचवां विकेट लिया। हालाँकि, डेविड मिलर और ट्रिस्टियन स्टब्स ने पाँचवें विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी कर कुछ हद तक टीम को संभाला। स्टब्स ने 29 गेंदों में 43 रन बनाए,जबकि मिलर ने 27 गेंदों में 36 रन जोड़े।

वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने बीच के ओवरों में शानदार गेंदबाजी की। चक्रवर्ती ने 42 रन देकर दो विकेट लिए,जबकि अक्षर ने मात्र छह रन देकर दो विकेट झटके। दक्षिण अफ्रीका की टीम 18.2 ओवर में 148 रन पर ऑलआउट हो गई।

भारत का 283/1 का स्कोर वांडरर्स स्टेडियम में अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर है। यह किसी भी टीम के खिलाफ भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भारत ने इसी साल हैदराबाद में 297 रन बनाए थे।

इस जीत के साथ, भारत ने न केवल श्रृंखला 3-1 से जीती,बल्कि 2023 में खेले गए 26 टी20 मैचों में 24 जीत का रिकॉर्ड भी बना लिया। इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम की गहराई और संतुलन को साबित कर दिया।

दक्षिण अफ्रीका ने इस मुकाबले में सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया,लेकिन भारतीय बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। उनकी बल्लेबाजी भी भारत के तेज गेंदबाजों के सामने ढेर हो गई।

इस श्रृंखला में भारतीय टीम का प्रदर्शन कई युवा खिलाड़ियों के उभरने का सबूत है। संजू सैमसन और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी टीम की दीर्घकालिक योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती का योगदान भी उल्लेखनीय रहा।

भारत ने इस मुकाबले में न केवल रिकॉर्ड जीत दर्ज की बल्कि अपने खिलाड़ियों की प्रतिभा और टीम की गहराई को भी साबित किया। यह जीत आगामी टूर्नामेंटों के लिए टीम के मनोबल को बढ़ाएगी और भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देती है।