जोहानसबर्ग,20 नवंबर (युआईटीवी)- दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज जेराल्ड कोएत्ज़ी और अन्य खिलाड़ियों को हालिया टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना और डिमेरिट अंक दिए गए हैं। इन मामलों ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में खेल भावना और आचार संहिता की अहमियत को एक बार फिर उजागर किया है।
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज जेराल्ड कोएत्ज़ी पर शुक्रवार को जोहानसबर्ग में भारत के खिलाफ चौथे टी20 मैच के दौरान अंपायर के खिलाफ असंतोष प्रकट करने का आरोप लगा। घटना भारत की पारी के 15वें ओवर की है,जब कोएत्ज़ी की एक गेंद को अंपायर ने वाइड करार दिया। इस फैसले पर उन्होंने नाराजगी जताई और अंपायर के प्रति गलत टिप्पणी की।
इस आचरण को आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन माना गया। कोएत्ज़ी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और आधिकारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्हें उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और एक डिमेरिट अंक दिया गया। भारत ने यह सीरीज 3-1 से जीत ली थी।
नीदरलैंड्स और ओमान के बीच खेले गए तीसरे टी20 मैच के दौरान नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स पर आईसीसी की आचार संहिता के आर्टिकल 2.8 और 2.2 के उल्लंघन का आरोप लगा।
Scott Edwards, Sufyan Mehmood, and Gerald Coetzee were found guilty of breaching the ICC Code of Conduct.https://t.co/wBXgVcuEET
— ICC (@ICC) November 19, 2024
एडवर्ड्स को अंपायर के फैसले पर असहमति जताने और मैदान पर अनुशासनहीन व्यवहार का दोषी पाया गया। एलबीडब्ल्यू आउट होने के बाद उन्होंने अंपायर को अपना बल्ला दिखाया और डगआउट लौटते समय बल्ला और ग्लव्स गुस्से में फेंक दिए। इस आचरण के लिए एडवर्ड्स को दो डिमेरिट अंक मिले और उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत काट लिया गया।
ओमान के तेज गेंदबाज सूफियान महमूद पर भी खेल भावना का उल्लंघन करने का आरोप लगा। उन्होंने नीदरलैंड्स के बल्लेबाज तेजा निदामानुरु को आउट करने के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाने का इशारा किया। यह आचरण आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।
महमूद को उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट अंक मिला। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली,जिससे आधिकारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
इन घटनाओं ने क्रिकेट में खेल भावना और अनुशासन के महत्व को फिर से रेखांकित किया है। क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं है,बल्कि यह खेल भावना और अनुशासन का प्रतीक भी है। खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है कि वे मैदान पर अनुशासन बनाए रखें और अंपायर के फैसलों का सम्मान करें।
क्रिकेट में आईसीसी की सख्त आचार संहिता खेल भावना बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन घटनाओं में शामिल खिलाड़ियों को जुर्माना और डिमेरिट अंक देकर आईसीसी ने साफ संकेत दिया है कि अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खेल के नियमों का पालन करना और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखना हर खिलाड़ी की जिम्मेदारी है।
