प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है

नई दिल्ली,23 नवंबर (युआईटीवी)- भारत आज दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना जाता है और प्रगति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में,भारत चौथी और फिर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। देश में इस प्रगति को लेकर आत्मविश्वास का माहौल है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक नई ऊर्जा और तेजी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और उनकी योजनाओं को इस दिशा में काफी सराहना मिल रही है। भारत फोर्ज के चेयरमैन बाबा कल्याणी ने एक मीडिया इवेंट में मैन्युफैक्चरिंग,फोर्जिंग और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत के लिए जर्मनी से प्रेरणा लेने की बात कही।

बाबा कल्याणी ने आगे कहा कि जिस तरह जर्मनी अपनी गुणवत्ता और तकनीकी कौशल के लिए दुनियाभर में मशहूर है,उसी तरह भारत को भी उत्पाद राष्ट्र बनने के लिए उसकी कार्यशैली और मॉडल से सीख लेनी चाहिए। जर्मनी का नाम कार निर्माण,मशीन टूल्स और अन्य इक्विपमेंट के लिए एक बड़ी पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के लिए आवश्यक सभी खूबियाँ जैसे-महत्वाकांक्षा,कच्चे माल की प्रचुरता तथा बड़ा बाजार आदि मौजूद हैं। हालाँकि,अभी भी कई चुनौतियाँ हैं,जिन्हें दूर करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘पीएम गति शक्ति योजना’ को विशेष रूप से सराहा गया। यह योजना देश के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।

‘पीएम गति शक्ति’ योजना एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान है,जिसके तहत 16 मंत्रालयों के बीच तालमेल स्थापित किया जा रहा है। सड़क,रेल,तेल और गैस जैसे मंत्रालयों के प्रोजेक्ट्स को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर काम में तेजी और लागत में कटौती का लक्ष्य है। इस मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से उद्योगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

इस दिशा में प्रगति का एक और उदाहरण मर्सिडीज-बेंज ग्रुप है। कंपनी ने घोषणा किया है कि वह भारत में घरेलू बाजार के लिए उत्पादन को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही,मर्सिडीज-बेंज निर्यात के लिए भी अपने उत्पादन को बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी का यह मॉडल पहले अमेरिका,चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे बाजारों में लागू किया गया है और अब भारत में इसे विस्तार देने की दिशा में काम हो रहा है।

भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार और उद्योग जगत मिलकर काम कर रहे हैं। ‘पीएम गति शक्ति योजना’ और अन्य सुधारात्मक कदमों के जरिए भारत न केवल एक आत्मनिर्भर देश बनने की ओर बढ़ रहा है,बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के अपने लक्ष्य को भी साकार कर रहा है। जर्मनी जैसे देशों से सीख लेकर और मर्सिडीज जैसी कंपनियों के निवेश से भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तैयार है।