नई दिल्ली,28 नवंबर (युआईटीवी)- चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पर पाकिस्तान में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा स्थितियों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस्लामाबाद में जारी विरोध-प्रदर्शनों और अशांत हालातों के कारण श्रीलंका की ‘ए’ टीम ने अपना दौरा रद्द कर दिया है। इससे पाकिस्तान के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के दावों को बड़ा झटका लगा है।
पाकिस्तान में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के चलते श्रीलंका ए टीम ने पाकिस्तान शाहीन्स के साथ चल रही वनडे सीरीज को बीच में ही छोड़ने का निर्णय लिया। पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) ने श्रीलंका ए टीम के इस फैसले के बाद बाकी के दो मैचों को स्थगित कर दिया है। बुधवार और शुक्रवार को ये मैच खेले जाने थे।
श्रीलंका ए टीम का यह कदम पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और अन्य देशों की चिंता को और बढ़ा सकता है। इससे यह संभावना प्रबल हो गई है कि 2025 चैंपियंस ट्रॉफी पूरी तरह से पाकिस्तान के बाहर आयोजित की जा सकती है।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इमरान खान के समर्थकों और जनरल आसिम मुनीर की सेना के बीच बढ़ते टकराव ने अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है। इस समय सुरक्षा स्थिति बेहद खराब है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर इमरान खान के समर्थकों ने राजधानी की घेराबंदी कर रखी है।
इस अस्थिरता ने पाकिस्तान के 1996 के बाद अपने पहले आईसीसी इवेंट की मेजबानी के सपने को धराशायी कर दिया है। राजनीतिक उथल-पुथल और सुरक्षा चिंताओं के कारण पाकिस्तान पर दबाव बढ़ता जा रहा है और आईसीसी जल्द ही इस मुद्दे पर निर्णय लेने वाली है।
सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी बोर्ड की आगामी वर्चुअल बैठक में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के कार्यक्रम पर चर्चा होगी। कई देशों ने पहले ही सुरक्षा संबंधी चिंताएँ व्यक्त की हैं। ऐसे में,इस आयोजन को पाकिस्तान से बाहर ले जाने या हाइब्रिड मॉडल में आयोजित करने की संभावना बढ़ गई है। हाइब्रिड मॉडल में टूर्नामेंट के कुछ मैच पाकिस्तान के बाहर आयोजित किए जा सकते हैं,जिससे सुरक्षा जोखिम कम होंगे।
भारत ने पहले ही चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी समस्या बन गई थी। अब श्रीलंका ए टीम के दौरा रद्द करने और बढ़ती सुरक्षा चिंताओं ने पाकिस्तान की मेजबानी पर और संकट ला दिया है।
पाकिस्तान में मौजूदा हालात ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के उसके दावों को कमजोर कर दिया है। राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताओं के कारण आईसीसी के पास आयोजन स्थल बदलने का विकल्प मजबूरी बनता जा रहा है। यदि ऐसा होता है,तो यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ा झटका होगा। आईसीसी का निर्णय आने वाले समय में इस मुद्दे पर स्थिति को स्पष्ट करेगा।
