नई दिल्ली,2 दिसंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ संसद भवन के बालयोगी ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ देखेंगे। यह फिल्म गोधरा कांड पर आधारित है और इसमें अभिनेता विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं। विक्रांत मैसी ने हाल ही में अभिनय से संन्यास लेने का ऐलान किया है। फिल्म 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसके रिलीज होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी सराहना भी की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए फिल्म की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि, “यह अच्छी बात है कि अब सच सामने आ रहा है और वह भी ऐसे तरीके से कि आम लोग भी इसे देख सकें। महज कुछ समय तक ही एक फेक नैरेटिव चलता है,लेकिन अंत में तथ्य सामने आ ही जाते हैं।” प्रधानमंत्री ने गोधरा कांड के संदर्भ में यह टिप्पणी की थी,जिसे लेकर विभिन्न तरह के विवाद और आरोप लगाए गए थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फिल्म की तारीफ की थी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा,”मैंने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की टीम से मुलाकात की और सच को सामने लाने के लिए उनके साहस की सराहना की।” अमित शाह ने आगे कहा, “यह फिल्म झूठ और भ्रामक तथ्यों को उजागर करती है और उस सच को सामने लाती है,जिसे लंबे समय तक राजनीतिक हितों के लिए दबाया गया था।” केंद्रीय गृह मंत्री की यह टिप्पणी भी गोधरा कांड से संबंधित तथ्य और इसकी राजनीति पर आधारित थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही लोगों से इस फिल्म को देखने की अपील की थी और इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों को इस फिल्म को देखने का निर्देश दिया था। यह फिल्म गोधरा कांड के घटनाक्रम और उसके बाद के प्रभावों पर आधारित है और इसे एक सशक्त और सच्चे दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फिल्म को टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था,ताकि अधिक-से-अधिक लोग इसे देख सकें। इस कदम से फिल्म के दर्शकों की संख्या बढ़ाने और गोधरा कांड से जुड़ी सच्चाई को लोगों तक पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।
‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को लेकर मोदी और शाह दोनों के बयानों से यह साफ है कि यह फिल्म गोधरा कांड और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। फिल्म ने कई वर्षों से चले आ रहे विवादों को उजागर किया है और राजनीतिक दृष्टिकोण से इसे एक महत्वपूर्ण फिल्म माना जा रहा है।

