पटना,10 दिसंबर (युआईटीवी)- राजद प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के नेतृत्व को लेकर दिए गए बयान ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। ममता बनर्जी ने संकेत दिया था कि अगर मौका मिला तो वह विपक्षी गठबंधन की कमान अपने हाथों में लेने के लिए तैयार हैं। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दलों के नेता बयानबाजी में शामिल हो गए हैं। इसी बीच,राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव ने ममता बनर्जी के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है।
मंगलवार को पटना में पत्रकारों ने बात करते हुए जब लालू यादव से ममता बनर्जी के बयान के बारे में पूछा,तो उन्होंने कहा कि, “इंडिया गठबंधन का नेतृत्व ममता बनर्जी को दे देना चाहिए। इस बात से हम पूरी तरह से सहमत हैं।” उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए कहा कि, “कांग्रेस के आपत्ति जताने से कोई फर्क नहीं पड़ता। ममता बनर्जी को ही यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।”
लालू यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है,जब ममता बनर्जी ने हाल ही में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर मौका मिला तो वह विपक्षी मोर्चे का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। ममता का यह बयान विपक्षी दलों के अंदरखाने में चर्चा का विषय बन गया है और कई नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका जारी रखते हुए विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं। उनका कहना था कि वह दोनों जिम्मेदारियों को संभालने में सक्षम हैं,यानी राज्य की मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व की जिम्मेदारी भी उठा सकती हैं। ममता का यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि वह भारतीय राजनीति में अपनी भूमिका को और अधिक मजबूत करना चाहती हैं और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती हैं।
लालू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित महिला संवाद यात्रा पर भी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा इस विषय पर पूछे गए सवालों पर लालू ने हलके-फुलके अंदाज में कहा, “यात्रा पर जा रहे हैं,यह अच्छी बात है।” इसके बाद उन्होंने अपने खास अंदाज में टिप्पणी की कि, “नैन सेंकने जा रहे हैं।” दरअसल, नीतीश कुमार का यह यात्रा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की महिलाओं से जुड़ने का एक प्रयास है। हालाँकि, लालू यादव का यह बयान उनके राजनीतिक अंदाज को दर्शाता है,जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार की यात्रा को कुछ हँसी -मजाक में लिया।
लालू यादव ने यह भी कहा कि 2025 में बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी। नीतीश कुमार के 225 सीट जीतने के दावे पर लालू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि, “पहले आँख तो सेंक लें,” जो उनकी खास शैली को दर्शाता है। इस बयान से यह साफ होता है कि वह नीतीश कुमार के दावों पर संदेह कर रहे हैं और यह भी जाहिर करते हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर चर्चा और रणनीति की प्रक्रिया चल रही है।
विपक्ष के नेताओं में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा को लेकर एक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सरकारी खर्च पर की जा रही है। तेजस्वी यादव ने इसे लेकर आरोप लगाया कि नीतीश कुमार इस यात्रा का फायदा आगामी चुनाव में अपनी राजनीतिक छवि को चमकाने के लिए उठा सकते हैं। तेजस्वी यादव का यह बयान बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल को और गर्मा देता है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व को लेकर लालू यादव का बयान विपक्षी राजनीति में नई हलचल का कारण बना है। ममता के नेतृत्व में विपक्षी दलों के एकजुट होने के विचार पर चर्चा तेज हो गई है,वहीं दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा को लेकर भी सियासी बयानबाजी जारी है। इन घटनाओं से यह साफ है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर विपक्षी दल अपनी रणनीतियों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और भविष्य में होने वाली राजनीतिक लड़ाई के लिए नए समीकरण बन रहे हैं।
