डोनाल्ड ट्रम्प (तस्वीर क्रेडिट@Simo7809957085)

डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से टिकटॉक पर प्रतिबंध टालने का किया अनुरोध

वाशिंगटन,28 दिसंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक संक्षिप्त याचिका दायर कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर प्रतिबंध को टालने का अनुरोध किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में डोनाल्ड ट्रम्प ने एक संक्षिप्त याचिका दायर कर
न्यायाधीशों से एक कानून को रोकने की अपील की है,जो लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक को 19 जनवरी तक अपने अमेरिकी संचालन को बेचने या बंद करने का आदेश देता है। इस मामले की समय-सीमा ट्रम्प के शपथ ग्रहण से कुछ दिन पहले की है,जिसके कारण उन्होंने समय सीमा में देरी की माँग की है,ताकि आने वाले राष्ट्रपति इस मुद्दे को अपने तरीके से संबोधित कर सकें।

ट्रम्प की इस याचिका में उन्होंने सीधे तौर पर संवैधानिक मुद्दों को उठाने से परहेज किया है, जैसे कि पहला संशोधन,जो कि स्वतंत्र अभिव्यक्ति से संबंधित है और जिस पर अगले महीने सुप्रीम कोर्ट में बहस की जाएगी। पहला संशोधन चुनौती इस बात पर केंद्रित है कि क्या कांग्रेस ने टिकटॉक पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाकर अमेरिकी नागरिकों के स्वतंत्र भाषण अधिकारों का उल्लंघन किया है। हालाँकि,ट्रम्प ने अपनी याचिका में इस संवैधानिक मुद्दे को नजरअंदाज करते हुए इस मामले को राजनीतिक साधनों से हल करने की बात की है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति बनने के बाद वह इस मुद्दे का समाधान राजनीतिक बातचीत के माध्यम से करेंगे।

ट्रम्प के संक्षिप्त याचिका में कहा गया है, “राष्ट्रपति ट्रम्प इस समय अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का विरोध करते हैं।” वे चाहते हैं कि उन्हें पदभार ग्रहण करने के बाद इस मुद्दे को राजनीतिक माध्यमों से हल करने की पूरी स्वतंत्रता मिले। ट्रम्प की याचिका में उनके “सौदा करने की विशेषज्ञता” पर जोर दिया गया है,जो उन्हें इस विवाद के समाधान पर बातचीत करने के लिए विशिष्ट रूप से योग्य बनाती है। उनका दावा है कि वह एक ऐसा समाधान निकाल सकते हैं,जो राष्ट्रीय सुरक्षा और टिकटॉक के 170 मिलियन अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के हितों की रक्षा करेगा।

इसके अलावा,ट्रम्प ने अपनी याचिका में सोशल मीडिया के क्षेत्र में अपनी प्रमुख भूमिका को भी रेखांकित किया है। खासकर टिकटॉक पर उनके 14.7 मिलियन फ़ॉलोअर्स होने का उल्लेख किया गया है,जो उनके लिए प्लेटफॉर्म के महत्व को स्पष्ट करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से वह राजनीतिक भाषण सहित स्वतंत्र अभिव्यक्ति की अहमियत को समझते हैं। याचिका में यह भी कहा गया है, “राष्ट्रपति ट्रम्प इतिहास में सोशल मीडिया के सबसे शक्तिशाली,विपुल और प्रभावशाली उपयोगकर्ताओं में से एक हैं। उनके पास टिकटॉक पर 14.7 मिलियन फ़ॉलोअर्स हैं,जिनके साथ वह सक्रिय रूप से संवाद करते हैं,जिससे उन्हें प्लेटफॉर्म के महत्व का सही मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है।”

इस दौरान, टिकटॉक ने अपने संक्षिप्त विवरण में इस कानून के अनुप्रयोग पर सवाल उठाया है और यह तर्क दिया है कि सरकार का यह दृष्टिकोण,जो बिना पर्याप्त सबूतों के भाषण को प्रतिबंधित करता है,पहला संशोधन का उल्लंघन करता है। टिकटॉक का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नुकसान होगा और यह बिना उचित आधार के लागू किया जा रहा है।

ट्रम्प प्रशासन ने इस मामले में जो जवाब दिया है,वह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए है। बाइडेन प्रशासन का कहना है कि यह कानून अमेरिकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। उनका कहना है कि टिकटॉक पर चीनी सरकार का प्रभाव अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकता है,खासकर डेटा गोपनीयता और प्रभाव संचालन के संदर्भ में। बाइडेन प्रशासन का कहना है, “यह कानून टिकटॉक पर चीनी सरकार के नियंत्रण से उत्पन्न होने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को संबोधित करता है। यह प्लेटफॉर्म करोड़ों अमेरिकियों के संवेदनशील डेटा को एकत्र करता है और एक विदेशी विरोधी द्वारा गुप्त प्रभाव संचालन के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बन सकता है।”

इस कानूनी विवाद का मूल केंद्र टिकटॉक की डेटा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर है। टिकटॉक पर चीनी सरकार का नियंत्रण और उसके द्वारा डेटा की संकलन प्रक्रिया पर चिंता जताई जा रही है। अमेरिकी सरकार यह आशंका व्यक्त कर रही है कि चीन सरकार अमेरिकी नागरिकों के डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकती है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही,यह भी तर्क दिया गया है कि टिकटॉक का उपयोग प्रभाव संचालन और राजनीतिक संदेशों के प्रसार के लिए भी किया जा सकता है,जो अमेरिकी लोकतंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

यह मामला केवल टिकटॉक तक सीमित नहीं है,बल्कि इससे अमेरिका और चीन के बीच चल रहे राजनीतिक और व्यापारिक तनाव को भी उजागर करता है। चीन की बढ़ती वैश्विक तकनीकी शक्ति और उसकी सरकार का वैश्विक मंचों पर बढ़ता प्रभाव अमेरिका के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इस प्रकार, टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का कदम एक बड़े रणनीतिक पहलू का हिस्सा हो सकता है,जिसमें अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चीन के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहा है।

इस मामले का समाधान आने वाले महीनों में संभवतः न्यायालय द्वारा निर्धारित किया जाएगा। हालाँकि,ट्रम्प का यह कदम यह स्पष्ट करता है कि वह इस विवाद को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के पक्ष में हैं और उन्हें विश्वास है कि वह इसे एक बेहतर तरीके से सुलझा सकते हैं। वहीं बाइडेन प्रशासन की नजर में यह एक सुरक्षा जोखिम है,जिसे तत्काल संबोधित करना जरूरी है। इस मुद्दे का निपटारा अमेरिकी राजनीति और विदेशी नीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।