मेलबर्न,28 दिसंबर (युआईटीवी)- ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में चल रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत के हास्यास्पद तरीके से आउट होने की सुनील गावस्कर ने आलोचना की। भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने पंत के शॉट को ‘बेवकूफी भरा शॉट’ करार दिया और कहा कि इसने भारतीय टीम को निराश किया। उनका मानना था कि पंत को ऐसे शॉट से बचना चाहिए था,खासकर तब जब उन्हें अपनी टीम के लिए लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की जरूरत थी।
स्कॉट बोलैंड जब 56वें ओवर में गेंदबाजी कर रहे थे,ऋषभ पंत ने फॉलिंग रैंप शॉट खेलने की कोशिश की। पंत की यह कोशिश असफल रही और गेंद उनके पेट पर लगकर चूक गई। इससे पहले,ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने पंत के शॉट के लिए फाइन लेग और थर्ड मैन पर दो गहरे फील्डर तैनात कर दिए थे,ताकि पंत के शॉट को नियंत्रित किया जा सके। पंत ने अगली गेंद पर फिर से वही शॉट खेलने की कोशिश की,लेकिन इस बार गेंद नाथन लियोन के पास चला गया,जो थर्ड मैन पर खड़े थे और पंत 37 गेंदों पर 28 रन बनाकर आउट हो गए।
एबीसी स्पोर्ट पर गावस्कर ने अपनी कमेंट्री के दौरान इस शॉट पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा, “बेवकूफी, बेवकूफी, बेवकूफी! आपके पास वहाँ पर दो फील्डर हैं और आप फिर भी ऐसा करते हैं। आप पिछला शॉट चूक गए और देखिए आप कहाँ फँस गए। यह आपका विकेट गंवाना है। आप यह नहीं कह सकते कि यह आपका स्वाभाविक खेल है। मुझे खेद है। यह आपका स्वाभाविक खेल नहीं है। यह एक बेवकूफी भरा शॉट है। यह आपकी टीम को बुरी तरह से निराश करता है। आपको स्थिति को भी समझना होगा।” गावस्कर का कहना था कि पंत को इस मौके पर और ज्यादा जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करनी चाहिए थी और अपनी टीम के लिए खेल की स्थिति को समझना चाहिए था।
Sunil Gavaskar on Rishabh Pant – “Stupid, stupid, stupid!” 😯 #INDvsAUS pic.twitter.com/QvYtqzQfW0
— Richard Kettleborough (@RichKettle07) December 28, 2024
गावस्कर ने आगे यह भी कहा कि पंत को उस स्थिति में खेल की अहमियत और अपनी टीम की स्थिति को समझने की आवश्यकता थी। पंत का यह शॉट टीम की अपेक्षाओं के खिलाफ था,खासकर तब जब भारत को मजबूत साझेदारी की आवश्यकता थी। पंत का इस तरह से आउट होना भारतीय टीम के लिए एक बड़ा झटका था और इससे उनकी स्थिति कमजोर हो गई।
ऋषभ पंत की इस खराब पारी पर फॉक्स क्रिकेट पर भी चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट कप्तान एलिसा हीली और पूर्व क्रिकेटर केरी ओकीफ ने इस शॉट को लेकर अपनी राय दी। ओकीफ ने कहा, “ऐसा लगता है कि पंत को इस तरह के शॉट के लिए ही रखा गया था। लेग साइड पर दो फील्डर थे,एक फाइन लेग और एक बैकवर्ड स्क्वायर,जो इस तरह के शॉट के लिए तैयार थे।” एलिसा हीली ने भी कहा कि पंत का इरादा नाथन लियोन को गेंद से कैच करवाने का नहीं था,लेकिन फिर भी इस शॉट को खेलना एक जोखिम भरा कदम था। उन्होंने कहा कि, “स्पष्ट है कि ऋषभ का इरादा नाथन लियोन को कैच करवाने का नहीं था,लेकिन लेग साइड पर दो फील्डर होने के बाद यह एक जोखिम भरा शॉट था।”
हालाँकि,इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुनील गावस्कर ने एक सकारात्मक सुझाव भी दिया। उन्होंने भारतीय टीम के ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने की सलाह दी,क्योंकि उनका मानना था कि रेड्डी खेल की स्थिति को लेकर ज्यादा जिम्मेदार और जागरूक हैं। लंच ब्रेक से पहले,रेड्डी ने बेहतरीन फुटवर्क और सक्रियता दिखाई और 40 रन पर नाबाद रहे। खबर लिखे जाने तक भारत का स्कोर 294/7 था और रेड्डी 94 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 62 रन पर खेल रहे थे। वाशिंगटन सुंदर भी 84 गेंदों पर 33 रन बनाकर क्रीज पर थे और इन दोनों ने भारत को फॉलोआन से बचने का अवसर प्रदान किया।
नीतीश कुमार रेड्डी ने इस श्रृंखला में अपनी बल्लेबाजी से प्रभाव डाला है। उनका संयम और परिपक्वता खेल की परिस्थिति को समझने में उनकी सफलता का कारण रही है। यह रेड्डी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था,क्योंकि यह उनका ऑस्ट्रेलिया में पहला दौरा था और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से खुद को साबित किया। गावस्कर ने कहा कि, “रेड्डी को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा जाना चाहिए,क्योंकि वह बहुत जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हैं और स्थिति के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। टेस्ट क्रिकेट में स्थिति की समझ होना बहुत जरूरी है।”
इस प्रकार,भारत के इस टेस्ट मैच में पंत के आउट होने के बाद की स्थिति को लेकर गावस्कर ने अपनी चिंताएँ जताईं और साथ ही भारतीय टीम के लिए एक बेहतर समाधान भी प्रस्तुत किया। उनका मानना था कि टीम को खेल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार बल्लेबाजी करनी चाहिए और खिलाड़ियों को अपनी भूमिका और टीम की जरूरतों को समझते हुए खेलना चाहिए।
