ओटावा,10 जनवरी (युआईटीवी)- कनाडा के प्रधानमंत्री पद से हाल ही में इस्तीफ़ा दे चुके जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि यदि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी टैरिफ धमकी को साकार करते हैं,तो उनकी सरकार भी इसका जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। ट्रूडो ने यह बयान एक साक्षात्कार में दिया था,जो सिन्हुआ द्वारा रिपोर्ट किया गया था। ट्रूडो ने कहा कि यदि ट्रंप ने कनाडा से आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ लगाया,तो कनाडा भी जवाबी कदम उठाएगा,जैसा कि उसने पहले किया था,जब ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ लगाए थे। उस समय,कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों जैसे हेंज केचप,ताश के पत्ते,बॉर्बन,हार्ले डेविडसन और अन्य चीजों पर जवाबी टैरिफ लगाए थे,ताकि अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुँच सके।
ट्रूडो ने यह भी कहा कि ट्रंप एक कुशल वार्ताकार हैं और यह संभावना जताई कि वे कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात करके टैरिफ के असर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रूडो ने कहा, “अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कनाडा से उत्पाद खरीदना बहुत महँगा हो जाएगा और यह एक ऐसी स्थिति है,जिसे हमें गंभीरता से देखना चाहिए।” कनाडा के अधिकारियों ने इस संभावना पर विचार करना शुरू कर दिया है कि वे अमेरिकी उत्पादों की एक सूची तैयार करेंगे,जिन पर जवाबी शुल्क लगाए जाएँगे,जैसा कि पहले भी किया गया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका में आयात होने वाली सभी कनाडाई वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। ट्रंप ने कनाडा और अमेरिका को एक साथ मिलाने के लिए “इकोनॉमिक फोर्स” यानी आर्थिक ताकत का उपयोग करने की बात भी कही थी। ट्रंप अक्सर कनाडा को “51वां राज्य” कहकर संबोधित करते हैं और यह भी कहा कि कनाडा के साथ व्यापार में अमेरिका को घाटा हो रहा है,जबकि अमेरिका कनाडा को सैन्य सहायता प्रदान करता है। ट्रंप ने फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो निवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कनाडा को एक चुनौती दी थी,जिसमें उन्होंने कहा था, “आप उस कृत्रिम रूप से खींची गई रेखा से छुटकारा पा लें और देखें कि वह कैसी दिखेगी। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहतर होगा।”
उन्होंने आगे कहा था, “कनाडा और अमेरिका के बीच यह एक बड़ी बात हो सकती है। हम अच्छे पड़ोसी रहे हैं,लेकिन हम हमेशा ऐसा नहीं कर सकते।” ट्रंप की यह टिप्पणी दर्शाती है कि वे अमेरिका और कनाडा के संबंधों को नया आकार देने की सोच रहे हैं। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच की सीमा एक कृत्रिम है और यदि इसे हटाया जाए तो यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
इस स्थिति में,कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी सरकार इस तरह की किसी भी कार्रवाई का विरोध करेगी और जवाबी कदम उठाने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि व्यापार नीति में किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान हो सकता है और यही कारण है कि कनाडा को अपनी स्थिति बनाए रखते हुए उचित कदम उठाना चाहिए। कनाडा ने यह भी संकेत दिया है कि वह अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है,ताकि अमेरिकी दबाव का मुकाबला किया जा सके।
कनाडा और अमेरिका के बीच यह व्यापारिक तनाव उस समय गहरा गया है,जब डोनाल्ड ट्रंप ने इस तरह की धमकियों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया। इससे यह साफ है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में एक नई दिशा देखने को मिल सकती है,जो आने वाले समय में और अधिक जटिल हो सकती है। कनाडा के पास अब यह विकल्प है कि वह अपने उत्पादों पर टैरिफ लगाकर अमेरिका के दबाव का मुकाबला करे और अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नया रूप दे सके।
समग्र रूप से देखा जाए तो यह स्थिति अमेरिका और कनाडा के बीच के आर्थिक और राजनीतिक रिश्तों को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है।