अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बतौर राष्ट्रपति के आखिरी संबोधन में हमेशा सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ खड़े रहने की सलाह दी

वाशिंगटन डीसी,16 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बतौर राष्ट्रपति अपने अंतिम संबोधन में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम और बंधक समझौते का उल्लेख किया,जिसे 8 महीने की बातचीत के बाद हासिल किया गया था। राष्ट्रपति ने कहा कि मई में पेश की गई यह समझौता एक विस्तृत योजना का हिस्सा था,जिसे उनके प्रशासन ने तैयार किया था। भविष्य में इस समझौते को लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के बारे में आगामी प्रशासन को पूरी जानकारी दी जाएगी,ताकि अमेरिका के सभी हिस्से एक साथ मिलकर इस दिशा में काम कर सकें।

अपने विदाई भाषण में,राष्ट्रपति ने अमेरिका के सिद्धांतों,विविधता और लोकतंत्र की रक्षा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि, “हमारा राष्ट्र हमेशा परीक्षा का सामना करता आया है,लेकिन यह हमारे साझा मूल्य,स्वतंत्रता और समानता के सिद्धांतों पर बना हुआ है।” उन्होंने नागरिकों से यह अपेक्षाएँ जताई कि वे सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ खड़े रहें और अमेरिका के लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखें। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका का विचार समय के साथ मजबूत हुआ है,जैसे स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी,जो अपनी स्थिरता और उन्नति को दर्शाता है।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने आखिरी संबोधन में अमेरिकी जनता को एकजुट रहने और संघर्षों से उबरने की अपील की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका के विचारों पर विश्वास करना,उन संस्थाओं का सम्मान करना है,जो एक स्वतंत्र समाज को चलाती हैं। इनमें राष्ट्रपति पद,कांग्रेस,न्यायालय और स्वतंत्र प्रेस शामिल हैं। ये संस्थाएँ न केवल हमारे संविधान के सिद्धांतों को दर्शाती हैं,बल्कि वे स्वतंत्रता की घोषणा के मूल विचारों को भी जीवित रखती हैं।

राष्ट्रपति ने संविधान के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्तियों का विभाजन और संतुलन हमारे लोकतंत्र को बनाए रखने में मदद करते हैं। भले ही यह प्रणाली पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है,लेकिन यह करीब 250 वर्षों से हमारे लोकतंत्र को स्थिर रखे हुए है,जो किसी भी अन्य राष्ट्र से अधिक समय तक चला है। राष्ट्रपति बाइडेन ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में लोकतंत्र मजबूत हुआ है और इस कठिन समय में वे हमेशा अमेरिकियों के लिए राष्ट्रपति बनने की अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अपनी कार्यकाल की बेहतरीन साथी बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

बाइडेन ने यह भी उल्लेख किया कि जो कर्मचारी सदी में एक बार आने वाली महामारी से निपटने में लगे,उनके लिए उनकी मेहनत को देखना गर्व का सबब रहा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों और पहले प्रतिक्रिया देने वालों की वीरता को सराहा,जिन्होंने महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों अमेरिकियों को सुरक्षित रखा। इसके अलावा उन्होंने लोगों की भी सराहना की,जिन्होंने आर्थिक संकट के बावजूद अमेरिकी अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा की और लाखों अमेरिकियों को रोजगार दिया। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने अपने बुनियादी ढाँचे जैसे-नई सड़कें,स्वच्छ पानी,पुल और हर अमेरिकी के लिए किफायती हाई स्पीड इंटरनेट को आधुनिक बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

राष्ट्रपति ने यह स्वीकार किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कई कठिनाइयाँ आईं,लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन कठिनाइयों ने अमेरिका को और भी मजबूत किया है। उनका कहना था कि इन वर्षों में अमेरिकी नागरिकों ने असाधारण समर्पण और मेहनत से यह साबित किया कि वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। बाइडेन ने कहा कि, “हमने एक साथ मिलकर उस समय का सामना किया जब दुनिया ने हमारी ताकत को चुनौती दी,लेकिन हम हमेशा एकजुट रहे।”

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का लोकतंत्र अन्य देशों के लिए एक आदर्श बना है और यह लोकतंत्र तब तक जीवित रहेगा,जब तक नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने यह बताया कि उनका प्रशासन हमेशा लोकतंत्र की सशक्तता के लिए काम करता रहेगा और अमेरिकी जनता को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार इस दिशा में लगातार प्रयत्नशील रहेगी।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में यह भी स्वीकार किया कि उनके कार्यकाल में अमेरिका में कई सुधार किए गए हैं,जिनमें स्वास्थ्य सेवा,शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने वैश्विक संकटों से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कीं,जो भविष्य में भी जारी रहेंगी। बाइडेन ने अंत में अमेरिकी जनता से अपील की कि वे अपने देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करें और समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर प्रदान करें।

राष्ट्रपति का यह विदाई भाषण न केवल उनके कार्यकाल का लेखाजोखा था,बल्कि यह अमेरिका की लोकतांत्रिक प्रणाली,उसकी विविधता और स्वतंत्रता के प्रति उनके समर्पण को भी प्रदर्शित करता है। उन्होंने यह संदेश दिया कि अमेरिका को मजबूत और सुरक्षित बनाए रखने के लिए नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियाँ निभानी होंगी और संविधान की रक्षा करनी होगी।

राष्ट्रपति बाइडेन ने अमेरिकी जनता को एकजुट रहने और उनके साझा मूल्यों के लिए काम करने की अपील की,ताकि अमेरिका का लोकतंत्र और उसकी सिद्धांतें आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रह सकें।