हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी(तस्वीर क्रेडिट@Ritesh_Mishraaa)

हरियाणा सरकार केजरीवाल पर करेगी केस,भाजपा का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग में शिकायत करेगा

नई दिल्ली,28 जनवरी (युआईटीवी)- दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यमुना नदी के पानी में जहर घोलने का आरोप लगाते हुए इसे सामूहिक नरसंहार की साजिश करार दिया है। इस आरोप के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप ) के बीच जुबानी हमले तेज हो गए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल से अपने बयान के लिए माफी की माँग की है और चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने माफी नहीं माँगी,तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। वहीं,आम आदमी पार्टी (आप ) के आरोपों पर चुनाव आयोग ने हरियाणा सरकार से रिपोर्ट माँगी है और कहा है कि सैनी सरकार को 12 बजे तक अपना पक्ष आयोग के सामने पेश करना होगा।

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हरियाणा में भाजपा के लोग जानबूझकर यमुना नदी के पानी में औद्योगिक कचरा और अन्य प्रदूषक तत्व डाल रहे हैं,जिससे दिल्ली को प्रदूषित पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि, “यदि दिल्ली के लोग इस पानी को पीते हैं,तो कई लोग मर जाएँगे। क्या इससे भी अधिक घिनौना काम हो सकता है?” यह बयान दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के उस आरोप के संदर्भ में था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हरियाणा सरकार जानबूझकर यमुना नदी में औद्योगिक अपशिष्ट बहा रही है, जहाँ से दिल्ली जलापूर्ति प्राप्त करती है। केजरीवाल ने इसे भाजपा की गंदी राजनीति और दिल्ली के लोगों को प्यासा रखने की साजिश बताया।

इसके बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि, “हरियाणा सरकार ने स्पष्ट रूप से यह निर्णय लिया है कि वह केजरीवाल और उनकी पार्टी के खिलाफ अदालत में जाएगी। इसके साथ ही हम निर्वाचन आयोग में भी शिकायत करेंगे।” उनका कहना था कि केजरीवाल के आरोप बिना किसी ठोस आधार के हैं और उन्होंने जानबूझकर हरियाणा सरकार को बदनाम करने की कोशिश की है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि उनके लिए यह कोई नई बात नहीं है। “केजरीवाल की आदत है कि वे बिना किसी तथ्य के आरोप लगाते हैं और दूसरों पर दोष मढ़ते हैं। सैनी ने कहा कि, यह उनकी राजनीति का हिस्सा बन चुका है। सैनी ने केजरीवाल से माफी की माँग की और कहा कि यदि वे माफी नहीं माँगते हैं,तो हरियाणा सरकार उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगी।

इसी बीच,निर्वाचन आयोग ने सोमवार को हरियाणा सरकार से जलापूर्ति में अमोनिया के स्तर पर आतिशी द्वारा लगाए गए आरोपों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट माँगी थी। आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार से रिपोर्ट की माँग की थी कि यमुना नदी के पानी में किसी प्रकार का प्रदूषण या औद्योगिक अपशिष्ट तो नहीं मिला है। हरियाणा सरकार को 12 बजे तक इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है।

दिल्ली विधानसभा चुनावों की तारीख नजदीक आ रही है और राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत चुनावी प्रचार में लगा रहे हैं। दिल्ली में 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं,जिसमें कुल 70 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएँगे और तब यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की गद्दी पर इस बार कौन बैठेगा। इस बीच,दिल्ली की राजनीति में सर्दी के मौसम के बीच गर्मी का माहौल बना हुआ है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियाँ बना रहे हैं,ताकि वे चुनावी नतीजों में जीत हासिल कर सकें।

यह राजनीतिक विवाद इस समय चुनावी अभियान के बीच एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। केजरीवाल के आरोपों को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी नोक-झोंक जारी है और दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इन विवादों से यह स्पष्ट हो रहा है कि चुनावी रणनीतियों का हिस्सा बनते हुए राजनीतिक दल एक-दूसरे को नीचा दिखाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी माहौल को और गरमाने के साथ-साथ दिल्ली की जनता के बीच गहरी चर्चा का कारण बन रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी नतीजे क्या होते हैं और कौन सी पार्टी दिल्ली की राजनीति में अपना वर्चस्व कायम करती है।