एलपीजी गैस सिलेंडर

केंद्रीय बजट 2025 से पहले मिली बड़ी सौगात,एलपीजी कमर्शियल गैस सिलेंडर सात रुपये सस्ता

नई दिल्ली,1 फरवरी (युआईटीवी)- केंद्रीय बजट 2025 से पहले भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक राहत की खबर सामने आई है,खासकर उन लोगों के लिए जो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 7 रुपये की कटौती की है। यह फैसला 2025-26 के वित्तीय बजट से पहले लिया गया है,जो संसद में आज सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। इस कटौती के बाद दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,809 रुपये से घटकर 1,797 रुपये हो गई है।

हालाँकि,14 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू सिलेंडर की कीमत पहले की तरह ही बनी हुई है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर में की गई इस कटौती से व्यवसायों,खासकर होटल,रेस्टोरेंट और अन्य छोटे-बड़े व्यापारों को राहत मिली है,क्योंकि वे बड़े पैमाने पर इन सिलेंडरों का इस्तेमाल करते हैं।

देश के विभिन्न शहरों में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें भिन्न हैं। मुंबई में इसकी कीमत 1,756 रुपये,चेन्नई में 1,966 रुपये और कोलकाता में 1,911 रुपये थी। इन कीमतों में कटौती से व्यवसायों को कुछ हद तक राहत मिलेगी,जो अपने संचालन के लिए एलपीजी का इस्तेमाल करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल,रेस्टोरेंट,कैफे और अन्य खानपान व्यवसायों में किया जाता है, इसलिए इस फैसले से इन व्यवसायों की लागत में कुछ कमी आने की संभावना है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस संशोधन को वैश्विक बाजार की स्थितियों में बदलाव और ईंधन मूल्य समायोजन के व्यापक पैटर्न का हिस्सा माना जा सकता है। तेल कंपनियाँ नियमित रूप से कच्चे तेल की दरों और अन्य आर्थिक कारकों में बदलाव के आधार पर गैस सिलेंडरों की कीमतों में संशोधन करती हैं। यह परिवर्तन वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण होता है, जो सीधे तौर पर भारत में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों को प्रभावित करता है।

इससे पहले दिसंबर 2024 में तेल कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62 रुपये की बढ़ोतरी की थी,जिसके बाद कीमत 1,804 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुँच गई थी। वहीं,जनवरी में इस कीमत में कटौती की गई थी, जब लगातार पाँच बढ़ोतरी के बाद 14.5 रुपये की कमी की गई थी। इस कटौती के बाद कीमतों में थोड़ा संतुलन आया था और अब फिर से 7 रुपये की कटौती ने उपभोक्ताओं को राहत दी है।

एलपीजी की कीमतें राज्य स्तर पर विभिन्न कारणों से भिन्न होती हैं,जैसे स्थानीय करों और परिवहन लागत में अंतर। इसका मतलब है कि एक ही उत्पाद की कीमत अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है। इसके बावजूद,राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस तरह की कीमतों में कटौती या वृद्धि से पूरे देश में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों पर प्रभाव पड़ता है।

इसके अलावा, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में भी कमी आई है। एटीएफ की कीमतों में 1.5 प्रतिशत की कमी देखी गई है,जिससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भी कुछ राहत मिल सकती है। दिल्ली में एटीएफ की कीमत 1,401.37 रुपये प्रति किलोलीटर घटकर 90,455.47 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। एटीएफ की कीमतों में यह कमी हवाई यात्रा के खर्चों में कमी का संकेत देती है, जो विमानन कंपनियों और यात्रियों दोनों के लिए सकारात्मक खबर हो सकती है।

इस तरह की कीमतों में कमी और कटौती से न केवल आम नागरिकों को राहत मिलती है,बल्कि यह आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है,क्योंकि यह व्यवसायों के लिए एक सकारात्मक संकेत है और बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है। सरकार और तेल कंपनियों द्वारा इस तरह के कदम उठाए जाने से उपभोक्ताओं के बीच सकारात्मक असर पड़ता है, खासकर उन लोगों के लिए जो एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं।