अहमदाबाद,14 फरवरी (युआईटीवी)- श्रीलंका में चल रहे रिन्यूएबल एनर्जी विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स और दो ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स से अदाणी ग्रीन एनर्जी ने खुद को अलग करने की एक महत्वपूर्ण घोषणा की। अदाणी ग्रुप के प्रवक्ता ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि अदाणी ग्रीन एनर्जी के बोर्ड ने श्रीलंका में आरई विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स से सम्मानपूर्वक हटने का निर्णय लिया है।
प्रवक्ता ने इस निर्णय की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए बताया कि अदाणी ग्रीन श्रीलंका के लिए प्रतिबद्ध है और अगर श्रीलंका सरकार भविष्य में इन परियोजनाओं में किसी प्रकार का सहयोग चाहती है,तो कंपनी तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अदाणी ग्रीन की टीम ने श्रीलंका सरकार द्वारा नियुक्त की गई कमेटियों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। इन परियोजनाओं और उनसे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइनें लगाने के लिए निर्धारित स्थलों पर अब तक कंपनी ने करीब 5 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।
अदाणी ग्रीन को श्रीलंका के मन्नार और पूनरी में दो बड़े विंड पावर प्रोजेक्ट्स दिए गए थे,जिनका कुल क्षमता 484 मेगावाट थी और इनमें 6,177 करोड़ रुपये का निवेश होने वाला था।अदाणी ग्रीन एनर्जी और श्रीलंकाई सरकार ने मई 2024 में देश के उत्तरी प्रांतों मन्नार और पूनरी में दो विंड एनर्जी स्टेशन विकसित करने के लिए 20 साल का बिजली-खरीद समझौता किया था। इस समझौते के तहत,अदाणी ग्रीन को इन क्षेत्रों में विशाल विंड पावर प्लांट्स विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
फरवरी 2023 में अदाणी ग्रीन एनर्जी ने श्रीलंका के उत्तरी प्रांत मन्नार और पूनरी में 484 मेगावाट की विंड एनर्जी प्लांट के विकास के लिए मंजूरी प्राप्त की थी। इस परियोजना में 442 मिलियन डॉलर का निवेश होने वाला था। इसके अतिरिक्त, अदाणी ग्रुप श्रीलंका के कोलंबो में मौजूद देश के सबसे बड़े पोर्ट में 700 मिलियन डॉलर की लागत से एक टर्मिनल प्रोजेक्ट भी बना रहा है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी का यह निर्णय एक अहम मोड़ पर आया है,खासकर तब जब कंपनी की भविष्य में मजबूत आय की संभावना को लेकर रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने एक महत्वपूर्ण रेटिंग अपग्रेड किया है। क्रिसिल ने अदाणी ग्रीन रिस्ट्रिक्टेड ग्रुप 1 (आरजी) की दीर्घकालिक बैंक सुविधाओं और गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर पर अपने आउटलुक को ‘स्टेबल’ से ‘पॉजिटिव’ कर दिया है और रेटिंग को ‘क्रिसिल एए+’ पर बरकरार रखा है। क्रिसिल ने यह भी कहा कि 2024 में अदाणी ग्रीन का प्लांट लोड फैक्टर पी90 से बेहतर था,जिससे यह उम्मीद जताई गई कि कंपनी का प्रदर्शन भविष्य में और बेहतर होगा और वह आसानी से अपनी डेट सर्विसिंग कर पाएगी।
अदाणी ग्रीन का श्रीलंका से खुद को अलग करने का निर्णय उन चुनौतियों और वित्तीय परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है,जो इन परियोजनाओं से संबंधित थीं। हालाँकि,कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में श्रीलंका सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है,अगर स्थिति अनुकूल होती है। इस प्रकार,अदाणी ग्रीन ने एक रणनीतिक निर्णय लिया है,जो उसे अपने वैश्विक संचालन में लचीलापन और स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।
अदाणी ग्रीन एनर्जी का यह कदम श्रीलंका में न केवल उसके आर्थिक दृष्टिकोण को प्रभावित करेगा,बल्कि कंपनी की अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में भी असर डाल सकता है। इसके बावजूद अदाणी ग्रीन का अपने निवेश और विकास योजनाओं में सकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है और रेटिंग एजेंसियाँ इसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत मान रही हैं।
