प्रीति जिंटा (तस्वीर क्रेडिट@Priyaaa_B)

प्रयागराज महाकुंभ में अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने लगाई आस्था की डूबकी,अभिनेत्री ने सत्यम शिवम सुंदरम कहा

नई दिल्ली,25 फरवरी (युआईटीवी)- प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला इस बार हर साल की तरह देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है,लेकिन इस बार इसका स्वरूप और भी खास हो गया है,क्योंकि फिल्म जगत के बड़े सितारे भी इस महापर्व में हिस्सा ले रहे हैं। महाकुंभ की आध्यात्मिक भव्यता और धार्मिक महत्व से प्रभावित होकर कई बॉलीवुड अभिनेता-अभिनेत्री संगमनगरी पहुँचे हैं, जहाँ उन्होंने न केवल आस्था का प्रदर्शन किया बल्कि इस अद्वितीय आयोजन को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएँ भी साझा की हैं।

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रीति जिंटा महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुँची और उन्होंने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया और इस अवसर को ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ के रूप में दर्शाया। प्रीति जिंटा ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “सभी रास्ते महाकुंभ की ओर जाते हैं। सत्यम शिवम सुंदरम।” इस तस्वीर में प्रीति गले में गेंदे के फूल की माला पहने और माथे पर अष्टगंध लगाए हुए नजर आ रही हैं,जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।

प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता की इस अनूठी मिलनसारता का हिस्सा बनने के लिए प्रीति जिंटा के पहले बॉलीवुड के अभिनेता अक्षय कुमार महाकुंभ पहुँचे थे। अक्षय कुमार ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई और सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार भी व्यक्त किया। संगम में स्नान के बाद अक्षय ने कहा, “इस बार की व्यवस्था बहुत शानदार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि उन्होंने इतनी बेहतरीन व्यवस्था करवाई। 2019 के कुंभ में लोगों को काफी दिक्कतें होती थीं,लेकिन इस बार सब कुछ बहुत सुव्यवस्थित है।” उनका यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएँ और व्यवस्थाएँ पहले से कहीं अधिक बेहतर और व्यवस्थित हो गई हैं।

इसके अलावा, बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री कैटरीना कैफ भी महाकुंभ के आयोजन में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुँची। कैटरीना ने स्वामी चिदानंद सरस्वती के आश्रम में पहुँचकर सनातन संस्कृति की पावनता का अनुभव लिया। कैटरीना अपनी सास के साथ महाकुंभ में शामिल होने आईं और इस मौके पर उन्होंने भारतीय संस्कृति के महत्व को महसूस किया। कैटरीना का महाकुंभ में आना और इस पर्व के प्रति अपना आभार व्यक्त करना उनके धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं को दर्शाता है।

 

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अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे भी महाकुंभ 2025 के हिस्से बनने के लिए अपने परिवार के साथ प्रयागराज पहुँची। उन्होंने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया और आस्था व अध्यात्म का अनुभव किया। संगम में स्नान के बाद सोनाली ने कहा, “महाकुंभ में आकर मुझे अपार शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।” उनके लिए यह अनुभव एक तरह से आध्यात्मिकता के साथ जुड़ने का था। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के इस अनुपम अनुभव ने उन्हें भारतीय धर्म और संस्कृति से और करीब से जोड़ दिया। सोनाली के लिए यह आयोजन एक आत्मिक संतुष्टि देने वाला था,जिसने उन्हें भारतीय संस्कृति को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया।

महाकुंभ में भाग लेने वाले सितारों की सूची में कई अन्य चर्चित फिल्मी हस्तियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें एकता कपूर,ईशा कोप्पिकर,शिवांगी जोशी, भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और अभिनेत्री आम्रपाली के अलावा कई अन्य कलाकार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त,अभिनेता राजकुमार राव और उनकी पत्नी पत्रलेखा,अभिनेत्री ईशा गुप्ता,पूनम पांडे,किटू गिडवानी,फिल्म निर्माता कबीर खान, कॉमेडियन-अभिनेता सुनील ग्रोवर,गायक-अभिनेता गुरु रंधावा,अविनाश तिवारी, अनुपम खेर,भाग्यश्री,रेमो डिसूजा,सिद्धार्थ निगम,प्रियंका चोपड़ा की माँ मधु चोपड़ा, तनीषा मुखर्जी,ममता कुलकर्णी समेत कई प्रमुख फिल्मी हस्तियाँ इस दिव्य आयोजन में शामिल हो चुकी हैं।

इन फिल्मी सितारों के महाकुंभ में शामिल होने से यह आयोजन और भी भव्य और आकर्षक बन गया है। बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों के इस धार्मिक समागम में भाग लेने से महाकुंभ की लोकप्रियता को भी एक नई दिशा मिली है और यह आयोजन भारतीय संस्कृति,आस्था और धर्म का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है।

महाकुंभ का आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है,बल्कि यह भारतीय संस्कृति की ताकत और धार्मिक विविधता को प्रदर्शित करने वाला एक विशाल मंच बन चुका है। फिल्मी सितारे न केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रहे हैं,बल्कि इस आयोजन के माध्यम से वे आम लोगों को भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिकता से जुड़ने का अवसर भी दे रहे हैं। महाकुंभ में बॉलीवुड सितारों का योगदान इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ा रहा है और इस तरह यह आध्यात्मिक संगम एक अनूठा सांस्कृतिक मेला बन गया है।