ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@premranjanPR)

ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर आएँगी दो दिवसीय भारत दौरे पर,फ्री ट्रेड समझौते पर होगी चर्चा,यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के अधिकारी भी होंगे शामिल

नई दिल्ली,27 फरवरी (युआईटीवी)- यूरोपीय संघ (ईयू )की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दो दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। यह उनका तीन साल में तीसरी बार भारत दौरा होगा। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ्री ट्रेड समझौते (एफटीए) पर चर्चा करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर वे यूरोपीय कमीशन के एक डेलिगेशन (कॉलेज ऑफ कमीशनर्स) के साथ भारत आ रही हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के अधिकारी शामिल होंगे। उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय कमीशन की पहली महिला अध्यक्ष हैं।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर उर्सुला वॉन डेर लेयेन की यात्रा की जानकारी दी। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर वे भारत आ रही हैं और इस यात्रा के एजेंडे में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। यूरोपीय आयोग का नया कार्यकाल पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ है और यह उर्सुला की यात्रा आयोग के इस नए कार्यकाल की शुरुआत के रूप में हो रही है।

इस यात्रा के दौरान उर्सुला वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक पूर्ण सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस सत्र में दोनों नेताओं के बीच कई प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होगी। इस यात्रा में विशेष रूप से भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अहम बैठक भी इस दौरान आयोजित की जाएगी। यात्रा के दौरान भारत और यूरोपीय संघ में ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी परिषद की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक दोनों पक्षों के बीच व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

इसके अलावा,यूरोपीय आयुक्तों और उनके भारतीय समकक्षों के बीच द्विपक्षीय मंत्रिस्तरीय बैठकें भी होंगी,जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विचार करेंगे।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन का यह तीसरा भारत दौरा है। इससे पहले,वे अप्रैल 2022 में और सितंबर 2023 में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आई थीं। यूरोपीय संघ के अध्यक्ष के रूप में यह उनका महत्वपूर्ण दौरा है क्योंकि वे यूरोपीय आयोग की कार्यशैली और उसकी प्राथमिकताओं को भारत के साथ साझा करने का अवसर प्राप्त करेंगी।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत से विशेष रिश्ता है और उनका यह दौरा यूरोपीय संघ और भारत के बीच व्यापारिक,रणनीतिक और राजनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने में मदद करेगा।

इस यात्रा का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को एक नया मोड़ देने का अवसर प्रदान करता है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंध पहले ही कई वर्षों से मजबूत हो रहे हैं और इस यात्रा के माध्यम से दोनों देशों के बीच व्यापार,तकनीकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के कई नए रास्ते खुलेगें।

प्रधानमंत्री मोदी और उर्सुला के बीच बैठक से भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में एक नई दिशा देखने को मिल सकती है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ कई अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है,जिनमें जलवायु परिवर्तन,वैश्विक सुरक्षा और डिजिटल क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत दौरा एक महत्वपूर्ण घटना है,जो यूरोपीय संघ और भारत के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण चर्चाएँ और बैठकें होने वाली हैं,जो दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को नया आयाम देंगी। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता,तकनीकी सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों में और प्रगति देखने को मिल सकती है।