डोनाल्ड ट्रंप और जस्टिन ट्रूडो (तस्वीर क्रेडिट@kaankit)

जस्टिन ट्रूडो ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों पर किया पलटवार,कहा- ‘अमेरिका ने गैरजरूरी टैरिफ लगाए,तो हम देंगे जवाब ‘

ओटावा,28 फरवरी (युआईटीवी)- कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी,जिसमें उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका कनाडा पर अनुचित टैरिफ लागू करता है,तो कनाडा की ओर से तत्काल और सख्त प्रतिक्रिया दी जाएगी। यह चेतावनी कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव के बीच आई है,जो अब और गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के रिश्तों में तनाव का एक मुख्य कारण अवैध दवाओं,विशेषकर फेंटेनाइल संकट का प्रवाह है,जिसे लेकर ट्रंप ने बार-बार आलोचना की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से आने वाली अवैध दवाओं के अमेरिका में प्रवाह की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह समस्या गंभीर है और इससे अमेरिका में होने वाली ओपियोड्स की आपदा को बढ़ावा मिल रहा है। इसके तहत,ट्रंप ने घोषणा की है कि 4 मार्च से कनाडा और मैक्सिको पर टैरिफ लगाए जाएँगे। यह टैरिफ विशेष रूप से फेंटेनाइल संकट को रोकने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं और ट्रंप का दावा है कि अगर दोनों देशों द्वारा इस समस्या का समाधान नहीं किया गया,तो यह प्रस्तावित टैरिफ समय के अनुसार लागू किए जाएँगे।

प्रधानमंत्री ट्रूडो ने इस कदम के खिलाफ अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर 4 मार्च को कनाडा पर अनुचित टैरिफ लगाए जाते हैं,तो कनाडा तुरंत और बेहद सख्त प्रतिक्रिया देगा। ट्रूडो ने स्पष्ट किया कि कनाडा अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए कोई कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना था कि हर कनाडाई को इस बात का विश्वास है कि देश इस मुद्दे पर मजबूत और ठोस प्रतिक्रिया देगा।

ट्रूडो ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका में जिन दवाओं का तस्करी होता है,उन दवाओं का अधिकांश हिस्सा कनाडा से नहीं आता है। उनका कहना था कि कनाडा ने अपनी सीमा सुरक्षा को पहले ही मजबूत कर लिया है और इस दिशा में काम किया जा रहा है। कनाडा ने सीमा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है,जिसमें ड्रोन,ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर्स और 10,000 सीमा गार्ड शामिल हैं। ट्रूडो का यह भी कहना था कि कनाडा अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध दवाओं के प्रवाह को रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है और उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि कनाडा अपनी सीमा सुरक्षा पर कड़ी निगरानी रखेगा।

वहीं,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले यह घोषणा की थी कि कनाडा और मैक्सिको से आयात पर टैरिफ को 30 दिनों के लिए रोक दिया गया था। इसका कारण यह बताया गया था कि ट्रंप ने दोनों देशों से सीमा सुरक्षा में सुधार करने के लिए नई प्रतिबद्धताएँ हासिल की थीं। हालाँकि,अब 4 मार्च से यह टैरिफ पूरी तरह से लागू किए जाने जा रहे हैं और इसके चलते कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ने की संभावना है।

अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम को फेंटेनाइल तस्करी को रोकने के प्रयास के रूप में लिया है। ट्रंप का कहना है कि फेंटेनाइल जैसी अवैध दवाओं का अमेरिका में बड़े पैमाने पर सेवन हो रहा है और इससे 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। फेंटेनाइल मुख्य रूप से चीन से आ रहा है और अमेरिका ने चीन पर भी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। ट्रंप का कहना है कि 4 मार्च से चीन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा,ताकि वहाँ से आने वाली अवैध दवाओं की आपूर्ति को रोका जा सके।

कनाडा और अमेरिका के मध्य व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ रहा है और अब यह मुद्दा खासतौर पर अवैध दवाओं और फेंटेनाइल संकट से जुड़ा हुआ है। यह स्थिति दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है। अमेरिका का प्रमुख व्यापारिक साझेदार कनाडा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह किसी भी अनुचित टैरिफ को स्वीकार नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ट्रूडो ने इस बारे में कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि कनाडा अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और अपने नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देगा।

कनाडा और अमेरिका के बीच यह विवाद केवल व्यापार तक सीमित नहीं है,बल्कि यह दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा,अवैध दवाओं के प्रवाह और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। ट्रूडो ने इस संबंध में यह भी कहा कि कनाडा पहले ही अपनी सीमा सुरक्षा को सुधारने के लिए कड़े कदम उठा चुका है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कनाडा ने सीमा पर निगरानी बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरणों जैसे ड्रोन और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया है,जो सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

वहीं ट्रंप का यह भी कहना है कि यदि फेंटेनाइल तस्करी को रोकने के लिए कनाडा और मैक्सिको ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए,तो यह टैरिफ समय के साथ लागू हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन के खिलाफ भी कड़े कदम उठाने की बात की है, क्योंकि चीन से आने वाली दवाइयाँ अमेरिकी समाज के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी हैं।

इस व्यापारिक विवाद का समाधान किस दिशा में होगा,यह देखना अब दिलचस्प होगा। कनाडा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार के अनुचित टैरिफ को स्वीकार नहीं करेगा और इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देगा। वहीं,अमेरिका ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि यदि अवैध दवाओं का प्रवाह नहीं रुकता,तो उसे अपनी व्यापारिक नीतियों में बदलाव करना होगा। दोनों देशों के बीच यह विवाद न केवल व्यापारिक मामलों को प्रभावित करेगा,बल्कि यह द्विपक्षीय रिश्तों पर भी असर डाल सकता है।