राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश (तस्वीर क्रेडिट@garrywalia_)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली कई इलाकों में हुई भारी बारिश,गर्मी से मिली राहत

नई दिल्ली,1 मार्च (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को मौसम ने एक बार फिर से करवट ली और कई इलाकों में भारी बारिश हुई,जिससे दिल्लीवासियों को फरवरी में पड़ रही अप्रत्याशित गर्मी से राहत मिली। इस साल फरवरी में दिल्ली में मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहा था। फरवरी का औसत अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया,जो सामान्य से अधिक था।

भारतीय मौसम विभाग ने 28 फरवरी को दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश,बिजली और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने को लेकर अलर्ट जारी किया था। विभाग ने 1 मार्च को भी दिल्ली,एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई। इसके साथ ही लोनी देहात,गाजियाबाद, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, गुरुग्राम,नोएडा,फरीदाबाद,बल्लभगढ़,मानेसर समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके अलावा,हरियाणा के असंध,सफीदों,गन्नौर, सोनीपत, खरखौदा, रेवाड़ी, पलवल और नूंह जैसे क्षेत्रों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और गरजने की भी संभावना जताई गई थी।

दिल्ली में 28 फरवरी को तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रिकॉर्ड किया गया था,जो मौसमी औसत से 0.9 डिग्री अधिक था। 1 मार्च को भी दिन में हल्की बारिश के आसार थे और बारिश की वजह से पारा गिरा था। फरवरी के अंत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और रात में गर्मी की वजह से 27 फरवरी को न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था,जो पिछले 74 वर्षों में सबसे गर्म रात थी। इसने 1951 के बाद से सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। उसी दिन,दिन का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया था,जो इस महीने का सबसे गर्म दिन था।

दिल्ली में इस बार फरवरी का औसत न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले छह वर्षों का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान था। इससे पहले, 2017 में ऐसा तापमान देखा गया था। इस साल फरवरी में कुल मिलाकर केवल चार दिन बारिश हुई,जबकि पिछले साल 2024 में फरवरी के दौरान छह दिन बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने मार्च महीने में सामान्य से अधिक गर्मी की आशंका जताई है,जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और उमस की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

हालाँकि,फरवरी के महीने में हुई इस बारिश ने दिल्लीवासियों को कुछ राहत दी, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक,मार्च में भी तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। यह बदलाव मौसम के अचानक पलटने का एक उदाहरण था,जिससे न केवल तापमान में गिरावट आई,बल्कि हवा की स्थिति भी काफी बदल गई।

इसके बावजूद,यह बदलाव दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तापमान को सामान्य से कम करने में मददगार साबित हुआ। दिल्ली में बारिश का मौसम आमतौर पर जुलाई से सितंबर के बीच होता है,लेकिन साल दर साल मौसम में बदलाव और अप्रत्याशित बारिश की घटनाएँ बढ़ रही हैं,जिससे यह संकेत मिलता है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव बढ़ रहे हैं।

दिल्लीवासी उम्मीद कर रहे हैं कि मार्च के महीने में बारिश और राहत का सिलसिला जारी रहे,क्योंकि इस मौसम में दिल्ली में गर्मी काफी तेजी से बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने दिल्लीवासियों को आगामी दिनों में मौसम की स्थिति के बारे में लगातार अपडेट्स देने की सलाह दी है,ताकि सभी तैयारियाँ सही ढंग से की जा सकें।