नई दिल्ली,3 मार्च (युआईटीवी)- कांग्रेस की प्रवक्ता शामा मोहम्मद के द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस टिप्पणी के बाद राजनीति से लेकर खेल जगत तक सभी जगह शोर मच गया है और उनकी आलोचना की जा रही है। यह विवाद फिलहाल शांत होने का नाम नहीं ले रहा है और विभिन्न पक्षों से तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
दरअसल, शामा मोहम्मद ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी मैच में रोहित शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “रोहित शर्मा एक खिलाड़ी के हिसाब से मोटे हैं। उन्हें वजन कम करने की जरूरत है और वे निश्चित रूप से भारत के सबसे कमजोर कप्तान हैं।” यह बयान उनके द्वारा भारतीय क्रिकेट कप्तान को लेकर की गई आलोचना के रूप में सामने आया,जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
शामा मोहम्मद की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर गुस्से का एक तूफान खड़ा कर दिया। बहुत से लोगों ने इसे रोहित शर्मा का मजाक उड़ाने वाला बयान मानते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। यह टिप्पणी न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए बल्कि पूरे खेल जगत के लिए अपमानजनक मानी गई। लोग यह मानते थे कि किसी खिलाड़ी के शारीरिक रूप और उसकी क्षमताओं का मजाक उड़ाना अनुचित है और यह भी कि कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा ने अपनी टीम को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस विवाद के बढ़ने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। अब वे भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के पीछे पड़ गए हैं। क्या अब वे राहुल गांधी को क्रिकेट खिलाना चाहते हैं,जब वे राजनीति में असफल हो चुके हैं?” भंडारी ने आगे यह भी कहा कि यह बयान हर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक का अपमान है,जो अपनी टीम के साथ खड़ा रहता है,चाहे टीम कैसी भी स्थिति में हो। उनका यह बयान कांग्रेस के लिए एक कड़ी आलोचना था।
शामा मोहम्मद ने भारी आलोचनाओं के बाद अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को हटा लिया,लेकिन इस विवाद में कांग्रेस पार्टी अब अलग-थलग पड़ती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस की सहयोगी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने रोहित शर्मा का समर्थन करते हुए एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “मैं क्रिकेट की बड़ी प्रशंसक नहीं हूँ,लेकिन इतना जरूर कह सकती हूँ कि रोहित शर्मा,चाहे वजन कम हो या अधिक,उन्होंने भारतीय टीम को ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनकी मेहनत और समर्पण ही मायने रखते हैं। जीतकर आओ,चैंपियन!” प्रियंका चतुर्वेदी का यह बयान रोहित शर्मा के प्रति समर्थन दिखाने के लिए था और उन्होंने क्रिकेट की असली भावना को मान्यता दी।
इसी विवाद पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “कांग्रेस प्रवक्ता का यह बयान बहुत शर्मसार करने वाली है,उन्होंने हमारी टीम के कप्तान रोहित शर्मा के खिलाफ अपशब्द बोले हैं। हमारी टीम देश और दुनिया के सबसे अच्छे टीमों में एक है। इससे कांग्रेस की गंदी सोच सामने आती है। कांग्रेस को राहुल गांधी के अलावा कुछ और नहीं दिखता है। उन्हें लगता है कि राहुल गांधी को भारतीय टीम का कप्तान होना चाहिए। उन्हें लगता है कि राहुल गांधी ही देश के प्रधानमंत्री होने चाहिए।” सिरसा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए और इस तरह के भ्रामक बयानों से बचना चाहिए।
इस विवाद पर दिल्ली विधानसभा के सदस्य और भाजपा नेता तरविंदर सिंह मारवाह ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पहले तो किसी के वजन के बारे में ऐसी बात बोलना गलत है। रोहित शर्मा ने देश का नाम रोशन किया है,तो उस खिलाड़ी के बारे में ऐसी बातें करना शर्मनाक है। उन्हें अपने शब्द वापस लेनी चाहिए।” मारवाह ने यह बयान खेल और खिलाड़ी की गरिमा को लेकर अपने विचार रखे और बताया कि एक खिलाड़ी का मजाक उड़ाना अनुचित है,खासकर जब उसने देश के लिए इतनी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हों।
रोहित शर्मा, जो 2023 से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हैं,को इस विवाद के दौरान व्यापक समर्थन मिला है। उनके नेतृत्व में भारत ने 2023 में टी20 विश्व कप और दो एशिया कप जीते हैं। इसके अलावा,आईपीएल में भी उन्होंने मुंबई इंडियंस को पाँच बार चैंपियन बनाया है,जो उनकी कप्तानी की सफलता को दर्शाता है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट्स और श्रृंखलाओं में शानदार प्रदर्शन किया है और उनके योगदान को हमेशा सराहा गया है।
यह विवाद भारतीय क्रिकेट और राजनीति दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बनकर उभरा है। कांग्रेस प्रवक्ता शामा मोहम्मद के बयान ने भारतीय क्रिकेट जगत को प्रभावित किया है और इसने सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच गंभीर बहस को जन्म दिया है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि किसी भी खिलाड़ी के व्यक्तिगत रूप और उसकी क्षमताओं पर बिना किसी ठोस आधार के टिप्पणी करना न केवल अनुचित है,बल्कि इससे राष्ट्रीय भावना को भी ठेस पहुँच सकती है।
रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से भारतीय क्रिकेट को ऊँचाइयों तक पहुँचाया है और ऐसे विवादों से उनका सम्मान और योगदान कम नहीं हो सकता। शामा मोहम्मद को अपनी टिप्पणी पर पुनर्विचार करना चाहिए और कांग्रेस पार्टी को भी इस विवाद से किसी भी तरह के विवादित बयानों से बचने की जरूरत है।
