वाशिंगटन, 5 मार्च (युआईटीवी)- डेमोक्रेटिक सांसद अल ग्रीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते समय उनका मजाक उड़ा रहे थे,जिसके कारण उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब अल ग्रीन राष्ट्रपति ट्रंप के भाषण के दौरान उनका मजाक उड़ा रहे थे। ग्रीन लगातार कह रहे थे कि ट्रंप के पास जनादेश नहीं है और वे बार-बार ट्रंप के भाषण में बाधा डाल रहे थे। उनकी यह हरकतें अंततः स्पीकर माइन जॉनसन के गुस्से का कारण बनीं और उन्होंने उन्हें सदन के चैंबर से बाहर निकालने का आदेश दिया। यह घटना राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा देने वाली साबित हुई,खासकर जब ट्रंप का भाषण कांग्रेस के भीतर गहरे राजनीतिक विभाजन को उजागर कर रहा था।
ट्रंप ने अपने संबोधन में डेमोक्रेट्स की आलोचना की और इस बात पर नाराजगी जताई कि उनके प्रयासों और टिप्पणी की सराहना करने के बजाय डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ खड़े थे। राष्ट्रपति ने इसे “बहुत दुखद” करार दिया और कहा, मैं डेमोक्रेट्स को अपने सामने देखता हूँ और मुझे एहसास होता है कि मैं उन्हें खुश करने या उन्हें खड़ा करने,मुस्कुराने या ताली बजाने के लिए कुछ भी नहीं कह सकता। मैं कुछ भी नहीं कर सकता। यह बयान राष्ट्रपति ट्रंप की निराशा को दर्शाता था कि कांग्रेस के कुछ सदस्य उनके प्रयासों को सिरे से नकार रहे थे। उनका यह भी कहना था कि, चाहे वह किसी भी प्रकार का कार्य करें,डेमोक्रेट्स हमेशा उनके खिलाफ ही खड़े रहेंगे और उनकी कोई भी उपलब्धि स्वीकार नहीं करेंगे।
राष्ट्रपति ने आगे कहा, “मैं सबसे विनाशकारी बीमारी का इलाज ढूँढ सकता हूँ,एक ऐसी बीमारी,जो पूरे राष्ट्र को मिटा देगी या इतिहास की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था या अपराध को अब तक के सबसे निचले स्तर पर रोकने का उत्तर घोषित कर सकता हूँ, लेकिन ये लोग यहाँ बैठे हैं,ताली नहीं बजाएँगे,खड़े नहीं होंगे और निश्चित रूप से इन खगोलीय उपलब्धियों के लिए जयकार नहीं करेंगे।” ट्रंप का यह बयान उस निराशा को व्यक्त करता था,जो उन्हें डेमोक्रेट्स के प्रति महसूस हो रही थी,जो उनके दृष्टिकोण और कामों का समर्थन करने के बजाय उनका विरोध कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह पॉंच बार कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित कर चुके हैं,लेकिन हमेशा यही स्थिति रही है और यह बहुत दुखद है।
ट्रंप के भाषण के दौरान कांग्रेस में एक और विवाद हुआ जब कई डेमोक्रेट्स ने विरोध प्रदर्शन किया। कम-से-कम आधे दर्जन डेमोक्रेट्स ने विरोधस्वरूप “प्रोटेस्ट लिखी” शर्ट पहनकर वॉकआउट किया। इसके अलावा कुछ डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की नीतियों और बयानों के विरोध में साइनबोर्ड भी पकड़े हुए थे। रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप के प्रस्तावित यूएसएआईडी कार्यक्रमों में कटौती का स्वागत किया,जबकि डेमोक्रेट्स ने इस पर अपनी असहमति व्यक्त की। यह दर्शाता था कि दोनों दलों के बीच गहरा राजनीतिक मतभेद है,जो भाषण के दौरान खुलकर सामने आया।
कुछ डेमोक्रेटिक सदस्य ट्रंप के भाषण के दौरान चिल्लाए भी और एक सदस्य ने 400 मिलियन डॉलर के टेस्ला अनुबंध पर सवाल उठाया। इसके अलावा,भाषण के दौरान कई डेमोक्रेट्स ने विरोध जताया और “सच नहीं है ” और “बकवास!” जैसे शब्द भी बोले। ट्रंप के संघीय खर्च में कटौती के दावों पर भी डेमोक्रेट्स ने इसे झूठा करार दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप के भाषण के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव और राजनीतिक संघर्ष बहुत ज्यादा था।
इस भाषण ने कांग्रेस में गहरे राजनीतिक विभाजन को उजागर किया। रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप के भाषण की सराहना की,जबकि डेमोक्रेट्स ने तीव्र विरोध जताया। यह न केवल ट्रंप के लिए,बल्कि अमेरिकी राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण पल था,जिसमें यह दिखा कि दोनों प्रमुख दलों के बीच किस हद तक मतभेद हैं। ट्रंप के भाषण के दौरान डेमोक्रेट्स का विरोध और उनकी प्रतिक्रिया यह साबित करती है कि उनके और ट्रंप के दृष्टिकोण में बहुत फर्क है।
यह घटनाक्रम यह भी बताता है कि अमेरिकी राजनीति में न केवल विचारधाराओं का फर्क है,बल्कि यह भी कि राजनीतिक सत्ता और नेतृत्व के प्रति विभिन्न दृष्टिकोण किस तरह से अलग हो सकते हैं। ट्रंप के भाषण के दौरान डेमोक्रेट्स का विरोध और उनकी टिप्पणियाँ,अमेरिकी लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध के साथ-साथ गहरे विभाजन की ओर इशारा करती हैं,जो अभी भी अस्तित्व में है। यह घटनाक्रम यह भी दिखाता है कि अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक माहौल बहुत ही उथल-पुथल और संघर्षपूर्ण है, जहाँ दोनों दलों के बीच सद्भावना की कमी महसूस की जा रही है।
ट्रंप का यह भाषण और इसके बाद का घटनाक्रम,अमेरिकी राजनीति के वर्तमान माहौल का सटीक चित्रण था,जिसमें एक ओर ट्रंप के समर्थक थे,तो दूसरी ओर उनके विरोधी,जो लगातार उनकी नीतियों और बयानों का विरोध कर रहे थे।