नई दिल्ली,5 मार्च (युआईटीवी)- दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान सुशील कुमार को जूनियर पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें 50 रुपये के बॉन्ड पर जमानत दी। सुशील कुमार को मई 2021 में इस हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह फैसला उनके लिए राहत देने वाला है,क्योंकि इससे पहले जुलाई 2023 में उन्हें सर्जरी के लिए सात दिन की अंतरिम जमानत मिली थी।
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने जुलाई 2023 में उन्हें सात दिन की अंतरिम जमानत दी थी,जिसके दौरान उनके साथ दो सुरक्षाकर्मी 24 घंटे तैनात रहे। यह जमानत 23 जुलाई से 30 जुलाई तक के लिए थी,जिसके लिए उन्होंने एक लाख रुपये का निजी बॉन्ड भरा था। इस दौरान सुशील कुमार को यह हिदायत दी गई थी कि वह गवाहों को धमकाएँगे नहीं और ना ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें दो गार्ड भी दिए गए थे।
इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार,सुशील कुमार ने छत्रसाल स्टेडियम में एक हँगामें की योजना बनाई थी, इस दौरान जूनियर रेसलर सागर धनखड़ की मौत हो गई थी। सुशील कुमार ने इस हँगामें की योजना युवा पहलवानों के बीच अपना प्रभुत्व स्थापित करने के लिए बनाई थी।
चार्जशीट के मुताबिक, सुशील कुमार के साथ उनके साथी पहलवान 23 वर्षीय सागर धनखड़,उनके दोस्त सोनू और तीन अन्य लोगों पर भी हमला करने का आरोप है। यह हमला 4 मई 2021 की रात को हुआ था,जिसके परिणामस्वरूप सागर धनखड़ गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया था। अक्टूबर 2021 में सुशील कुमार को जेल भेज दिया गया था और अब तक उन्हें जमानत नहीं मिल पाई थी।
दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने अपनी रेस्लिंग करियर की शुरुआत छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े से की थी। 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस अखाड़े में प्रवेश किया था और इसके बाद वह रेस्लिंग के दुनिया में एक नामी पहलवान बन गए। उनके शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी नवाजा गया था। सुशील कुमार ने 2014 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने में भी सफलता हासिल की थी और उनका नाम भारत के प्रमुख पहलवानों में शुमार किया जाता है।
यह मामला न केवल सुशील कुमार की प्रतिष्ठा के लिए एक बड़ी चुनौती है,बल्कि रेस्लिंग जगत के लिए भी एक दुखद घटना रही है। सुशील कुमार के करियर की ऊँचाई और फिर इस गंभीर आरोप में उनका नाम जुड़ना उनके प्रशंसकों और खेल जगत के लिए एक बड़ा झटका है। अदालत का यह फैसला सुशील कुमार के लिए राहत का कारण बन सकता है,लेकिन इस केस की आगे की जाँच और अदालत में सुनवाई के परिणाम से यह साफ होगा कि उनके खिलाफ लगे आरोपों का क्या नतीजा निकलता है।
सुशील कुमार के खिलाफ इस मामले में उनकी गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक की प्रक्रिया ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है और यह मामला भारतीय खेल राजनीति में गहरे सवाल खड़े करता है। हालाँकि,सुशील कुमार ने पहले भी अपनी बेगुनाही का दावा किया था,लेकिन मामले के तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।