नई दिल्ली,8 मार्च (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 मार्च को मॉरीशस का दौरा करेंगे, जहां वह मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस दौरे की घोषणा करते हुए बताया कि यह समारोह 12 मार्च को मनाया जाएगा और भारतीय नौसेना का एक जहाज भी समारोह में भाग लेगा,साथ ही भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी इस आयोजन का हिस्सा होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2015 में मॉरीशस का दौरा किया था और आगामी यात्रा के दौरान वह मॉरीशस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी देश के महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्तियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ कई बैठकें भी करेंगे।
इस यात्रा को लेकर मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने देश की संसद में भी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के लिए सहमति व्यक्त की है।” रामगुलाम ने यह भी कहा कि यह मॉरीशस के लिए एक विशेष सम्मान की बात है कि भारत के प्रधानमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद हमारे देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आ रहे हैं। उनके अनुसार,यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत और घनिष्ठ संबंधों का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इस दृष्टिकोण से भी खास है कि यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का अवसर प्रदान करेगा। जुलाई 2024 में,विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा की थी,जिसमें उन्होंने मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और प्रधानमंत्री रामगुलाम के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की थी। इन चर्चाओं में भारत और मॉरीशस के बीच आर्थिक,सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर भी बात की गई थी।
भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार मॉरीशस के साथ भारत का ऐतिहासिक और गहरा संबंध है। यह द्वीप देश भारतीय महासागर में स्थित है और यहाँ पर बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं,जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार,निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन संबंधों को और भी मजबूत करना और भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयामों को खोलना है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मॉरीशस के नेताओं के साथ मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सुरक्षा,व्यापार और विकास के क्षेत्र में संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मॉरीशस भारत के प्रमुख सहयोगी देशों में से एक है और दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सामरिक संबंधों को लेकर कई अहम समझौते और पहल की गई हैं। भारत,मॉरीशस के साथ अपने सामरिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है,खासकर समुद्री सुरक्षा,आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देने के संदर्भ में।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा मॉरीशस और भारत के बीच गहरे और आत्मीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा। उनके इस दौरे से यह संदेश भी जाएगा कि भारत अपने सशक्त और प्रभावी विदेशी नीति के तहत अपने पड़ोसियों और मित्र देशों के साथ घनिष्ठ रिश्ते बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा,न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक अवसर है,बल्कि यह भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी पुनः स्थापित करने का एक प्रयास है। भारत और मॉरीशस दोनों के बीच गहरी मित्रता और साझेदारी है और प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच इस मित्रता को और भी प्रगाढ़ करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरीशस यात्रा भारतीय विदेश नीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और यह भारत और मॉरीशस के रिश्तों को नई ऊँचाईयों पर ले जाने का एक अवसर प्रदान करेगी।