नई दिल्ली,11 मार्च (युआईटीवी)- आर्मीनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान मंगलवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुँचे। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर का उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को मिले गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। मिर्जोयान ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज दिल्ली में मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल को मिले गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए मंत्री डॉ. एस जयशंकर को धन्यवाद।”
आर्मीनियाई विदेश मंत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख मुद्दों पर उपयोगी और सकारात्मक चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच अब तक हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर विचार किया गया और साझेदारी को और गहरा करने के उपायों की रूपरेखा तैयार की गई। इसके अलावा,क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर भी बातचीत की गई और दोनों देशों के नेताओं ने इसे आगे बढ़ाने के लिए अपनी खुशी व्यक्त की।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के निमंत्रण पर आर्मीनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान 9 से 11 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे। यात्रा के दौरान,दोनों देशों के नेताओं के बीच कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ,जिनमें भारत-आर्मीनिया के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के उपाय,साझा हितों के क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रम और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार साझा करना शामिल था।
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और आर्मीनिया के विदेश मंत्रालय के डिप्लोमैटिक स्कूल के बीच सहयोग पर हस्ताक्षर किए गए एक समझौते का था। इस एमओयू से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और दूतावास संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके अलावा,भारत और आर्मीनिया के बीच चिकित्सा उत्पादों के नियमन पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) और सीडीएमटीई (केंद्रीय दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों का नियामक निकाय) के बीच एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता दोनों देशों के बीच चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ करेगा,विशेष रूप से दवाइयों और चिकित्सा उत्पादों के सुरक्षित उपयोग,विनियमनों और मानकों को बेहतर बनाने के संदर्भ में। यह भारत और आर्मीनिया के बीच न केवल द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ करेगा,बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में भी योगदान देगा।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों को पहचानने और साझा करने की अपनी पारस्परिक इच्छा को व्यक्त किया। इन अवसरों में व्यापार,विज्ञान व प्रौद्योगिकी,शिक्षा,सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के मध्य संबंधों को बढ़ावा देना शामिल है।
इस यात्रा के अंतर्गत एक सकारात्मक दिशा में दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई। आर्मीनियाई विदेश मंत्री मिर्जोयान ने बताया कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच एक नए युग की शुरुआत हो सकती है,जो अधिक साझेदारी और सहयोग पर आधारित होगा।
साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भारत और आर्मीनिया दोनों के लिए साझा हितों और विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कई संभावनाएँ हैं। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि इन दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर समान दृष्टिकोण हैं और उन्हें विश्वास है कि इस प्रकार की सहयोगी बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊँचाई तक ले जाएगी।
भारत और आर्मीनिया के बीच इस यात्रा के दौरान किए गए समझौतों और चर्चाओं से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के मध्य रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।