रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन,यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (तस्वीर क्रेडिट@garrywalia_)

युद्ध सीजफायर समझौते के बीच कुर्स्क क्षेत्र के प्रमुख शहर पर रूस ने कब्जे का किया दावा,युक्रेन को लगा बड़ा झटका

मॉस्को,14 मार्च (युआईटीवी)- युद्ध सीजफायर समझौते के बीच रूस ने दावा किया है कि कुर्स्क क्षेत्र में स्थित यूक्रेन के सबसे बड़े कब्जे वाले शहर सुदजा को उसकी सेना ने फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है। यह दावा यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है,क्योंकि वह युद्धविराम वार्ताओं में इस शहर का उपयोग मोलभाव के चिप के रूप में करने की योजना बना रहा था। रूस का यह कदम यूक्रेन के लिए रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों तरह से महत्वपूर्ण है,क्योंकि यह क्षेत्र पिछले कुछ समय से यूक्रेन के कब्जे में था और रूस इसे अपनी सैन्य रणनीति के हिस्से के रूप में महत्व दे रहा था।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार,रूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उत्तरी सैन्य समूह की इकाइयों ने आक्रामक अभियानों के दौरान मेलोवॉय,पोडोल और सुदजा जैसे बस्तियों को मुक्त कर लिया है। इस बयान में यह भी कहा गया कि जमीनी फुटेज से संकेत मिलता है कि रूस ने सुदजा पर कब्जा कर लिया है और अब शहर के उत्तर-पश्चिम में एक बस्ती दक्षिणी जोलेंश्कों की ओर बढ़ गई है।

यह शहर,सुदजा,जो यूक्रेन के आक्रमण से पहले लगभग 5,000 लोगों की आबादी वाला था,रूस के लिए एक बड़ी प्रतीकात्मक जीत साबित हुआ है। हालाँकि,यह शहर आकार में छोटा है,लेकिन यह उस समय यूक्रेन के नियंत्रण में आखिरी आबादी वाला शहर था। रूस ने इसे फिर से अपने कब्जे में लेकर एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की है,जिससे यह प्रतीत होता है कि रूस अपने युद्ध के लक्ष्यों को और मजबूत करने में सफल हो रहा है।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने इस घटना के बारे में रिपोर्ट करते हुए कहा कि यह घोषणा तब हुई जब अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मॉस्को पहुँचे थे। इस दौरान,रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने उम्मीद जताई कि अमेरिकी अधिकारी वाशिंगटन के 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव के बारे में जानकारी देंगे। यूक्रेन ने पहले ही इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था। पेस्कोव ने संवाददाताओं से कहा कि रूस को विश्वास है कि कुर्स्क क्षेत्र के सभी हिस्से जल्द ही मुक्त हो जाएँगे।

यह घोषणा रूस के लिए एक अहम कूटनीतिक अवसर भी हो सकती है,क्योंकि यह स्टीव विटकॉफ की मॉस्को यात्रा के दौरान हुई है,जिनके साथ रूस और अमेरिका के बीच संघर्षविराम के संभावित प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है। पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस का लक्ष्य कुर्स्क को पूरी तरह से मुक्त करना है और राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को कुर्स्क क्षेत्र का दौरा किया था। यह उनकी पश्चिमी क्षेत्र में पिछले साल यूक्रेन के अप्रत्याशित आक्रमण के बाद पहली यात्रा थी।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस यात्रा के दौरान अग्रिम पंक्ति के सैनिकों से कहा कि मॉस्को का लक्ष्य कुर्स्क को जल्द-से-जल्द पूरी तरह से मुक्त करना है। पुतिन का यह बयान इस बात का संकेत था कि रूस इस क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए दृढ़ नायक की तरह काम कर रहा है। पुतिन ने इस दौरान युद्ध के लिए सैन्य बलों की तैयारियों का भी जायजा लिया और सैनिकों से उनकी वीरता की सराहना की।

पिछले साल अगस्त में,यूक्रेनी सैनिकों ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र के लगभग 1,300 वर्ग किलोमीटर (500 वर्ग मील) क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। इस क्षेत्र का यूक्रेन के लिए विशेष महत्व था,क्योंकि इसे भविष्य की वार्ताओं में मोलभाव के एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता था। यूक्रेन का उद्देश्य था कि इस कब्जे के माध्यम से वह रूस पर दबाव डाल सके और उसे पूर्वी यूक्रेन से अपनी सेनाएँ हटाने के लिए मजबूर कर सके। हालाँकि,हाल के दिनों में रूस ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण सैन्य सफलता हासिल की है और अब यूक्रेनी सेना के पास कुर्स्क में केवल 200 वर्ग किलोमीटर से भी कम क्षेत्र बचा है।

रूस की ताजातरीन सफलता से स्पष्ट हो रहा है कि वह इस क्षेत्र में अपनी पकड़ को मजबूत कर रहा है। रूस की सेना ने पिछले कुछ दिनों में तेज़ी से बढ़त बनाई है, जिससे यह प्रतीत होता है कि कुर्स्क के अधिकतर हिस्से अब रूस के नियंत्रण में आ चुके हैं। इस सफलता से रूस को न केवल सैन्य दृष्टि से बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण बढ़त मिलती है,जो आने वाले समय में युद्धविराम वार्ताओं में उसकी स्थिति को मजबूत कर सकती है।

हालाँकि,रूस का यह कदम यूक्रेन के लिए एक गंभीर चुनौती है,क्योंकि सुदजा और कुर्स्क जैसे क्षेत्र अब यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से कठिन हो गए हैं। यूक्रेन के पास इन क्षेत्रों को पुनः हासिल करने के लिए सीमित विकल्प होंगे और उसे अब इस स्थिति से निपटने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता होगी।

इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस युद्धविराम प्रस्ताव पर भी टिकी हुई हैं,जिसे अमेरिका ने 30 दिन के लिए पेश किया है। अगर इस प्रस्ताव पर अमल किया जाता है,तो यह क्षेत्र में कुछ समय के लिए शांति ला सकता है,लेकिन वर्तमान सैन्य स्थिति और रूस की बढ़ती सफलता यह संकेत देती है कि युद्ध का यह दायरा और भी बड़ा हो सकता है।