प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@Surender_10K)

पुणे में भीषण सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक,मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता का ऐलान

नई दिल्ली,19 जून (युआईटीवी)- महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ,जिसमें आठ लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पुणे के जेजुरी-मोरगांव रोड पर उस वक्त हुआ,जब एक तेज रफ्तार कार ने एक पिकअप टेंपो को पीछे से टक्कर मार दी। इस भयावह टक्कर ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस हादसे को लेकर पोस्ट किया गया। पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा,”महाराष्ट्र के पुणे में जेजुरी-मोरगांव मार्ग पर हुए सड़क हादसे में लोगों की मौत से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है,उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। यह सहायता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रदान की जाएगी।

यह हादसा श्रीराम होटल के पास हुआ,जहाँ एक पिकअप टेंपो से होटल के लिए सामान उतारा जा रहा था। उसी समय पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में होटल का मालिक,कर्मचारी और कार में सवार यात्री शामिल हैं।

हादसे में घायल हुए पाँच लोगों में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल जेजुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहाँ उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और अस्पताल प्रशासन ने इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात की है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में वहाँ जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा तथा घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाया। इसके बाद क्रेन बुलाकर कार और पिकअप टेंपो को सड़क से हटाया गया,जिससे यातायात सुचारू रूप से चालू हो सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की विस्तृत जाँच की जा रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार,हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और असावधानी बताया जा रहा है। आशंका है कि चालक ने सड़क पर खड़े टेंपो को समय रहते नहीं देखा और नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने कार चालक की पहचान कर ली है और उससे पूछताछ की जा रही है।

इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कई नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की माँग की है। यह हादसा एक बार फिर भारत में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की गंभीरता को सामने लाता है।

पुणे के जेजुरी-मोरगांव मार्ग पर हुआ यह भीषण हादसा एक हृदय विदारक त्रासदी है,जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई संवेदना और घोषित आर्थिक सहायता सराहनीय कदम हैं,लेकिन इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि देश में सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सजगता,कड़े नियमों और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है।

इस हादसे से यह सीख मिलती है कि तेज रफ्तार,असावधानी और नियमों की अनदेखी किसी भी क्षण जीवन को समाप्त कर सकती है। अब समय आ गया है कि न केवल सरकार बल्कि समाज और प्रत्येक नागरिक को सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।