नई दिल्ली,21 जुलाई (युआईटीवी)- भारत और इंग्लैंड के बीच पाँच मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाना है,लेकिन भारतीय टीम के लिए इससे पहले ही मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम इंडिया के कई प्रमुख खिलाड़ी चोट की वजह से या तो बाहर हो चुके हैं या उनकी उपलब्धता संदिग्ध बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बाद अब युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी भी चोट की वजह से चौथे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। उनकी यह चोट टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है,क्योंकि रेड्डी को हाल ही में टीम में गहराई लाने के लिए शामिल किया गया था और उन्होंने पिछले मैच में गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया था।
सूत्रों के अनुसार,नीतीश रेड्डी को यह चोट रविवार को जिम सेशन के दौरान लगी। बताया जा रहा है कि उनके घुटने के लिगामेंट में चोट आई है,जिसकी वजह से वह न केवल मैनचेस्टर टेस्ट बल्कि इस सीरीज के बचे हुए मैचों से भी बाहर हो सकते हैं। टीम इंडिया ने अभी तक उनकी चोट की प्रकृति को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया है,लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उनका सीरीज में आगे खेलना लगभग नामुमकिन है। 22 वर्षीय रेड्डी ने अब तक इस सीरीज में चार पारियों में 45 रन बनाए हैं,जिसमें लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 30 रन रहा था। गेंदबाजी में भी उन्होंने एजबेस्टन और लॉर्ड्स में खेले गए मैचों में 17 ओवर फेंककर 3.64 की इकॉनमी से दो विकेट हासिल किए थे। खास बात यह रही कि उन्होंने ये दोनों विकेट एक ही ओवर में लिए थे,जब उन्होंने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज बेन डकेट और जैक क्रॉली को पवेलियन भेजा था।
रेड्डी के चोटिल होने से टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है,क्योंकि उनकी जगह लेने के लिए अब शार्दुल ठाकुर को प्लेइंग इलेवन में वापस लाना पड़ सकता है। शार्दुल ठाकुर को पहले टेस्ट की शुरुआती इलेवन में मौका नहीं मिला था,लेकिन नीतीश रेड्डी के बाहर होने के बाद उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है। ठाकुर अपनी ऑलराउंड क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं और इंग्लैंड की परिस्थितियों में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए अहम साबित हो सकता है।
भारतीय टीम की परेशानियाँ यहीं खत्म नहीं होतीं। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की मैनचेस्टर टेस्ट में उपलब्धता अब भी संदिग्ध बनी हुई है। उन्हें एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान गेंदबाजी करते हुए हाथ में गहरी चोट लग गई थी। इसी कारण रविवार को बीसीसीआई ने हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया। 24 वर्षीय कंबोज घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और उन्होंने हरियाणा के लिए 24 प्रथम श्रेणी मैचों में 79 विकेट हासिल किए हैं। हाल ही में भारत ए टीम के लिए खेले गए दो तीन दिवसीय मैचों में भी उन्होंने पॉंच विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था।
इसके अलावा,तेज गेंदबाज आकाश दीप की उपलब्धता को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वह अपनी चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं और टीम प्रबंधन उनके फिटनेस पर लगातार नजर बनाए हुए है। टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए इन खिलाड़ियों की फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण है,क्योंकि इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाज ही निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
भारतीय टीम की चोटों की लिस्ट में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का नाम भी शामिल है। पंत को लॉर्ड्स टेस्ट के पहले ही दिन बाईं उंगली में चोट लग गई थी, जिसके बाद से वह विकेटकीपिंग नहीं कर पा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मैनचेस्टर टेस्ट में ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है,जबकि पंत बतौर पूर्णकालिक बल्लेबाज खेलेंगे। पंत की बल्लेबाजी भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है,खासकर तब जब सीरीज में भारत 1-2 से पिछड़ रहा है और चौथा टेस्ट जीतना उसके लिए सीरीज में वापसी के लिए जरूरी है।
मौजूदा सीरीज अब तक रोमांचक रही है। इंग्लैंड ने पहले तीन मैचों में दमदार प्रदर्शन किया है और 2-1 की बढ़त बनाई हुई है। भारत ने तीसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वापसी की कोशिश की थी,लेकिन लगातार चोटों की वजह से टीम का संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है। मैनचेस्टर टेस्ट टीम इंडिया के लिए करो या मरो का मुकाबला होगा,क्योंकि इस मैच को जीतने के बाद ही वह सीरीज को बराबरी पर लाने की उम्मीद कर सकती है।
टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही प्लेइंग इलेवन का चयन करना होगा। रेड्डी के बाहर होने से न केवल ऑलराउंडर की कमी खलेगी,बल्कि तेज गेंदबाजों के चोटिल होने से गेंदबाजी में भी बदलाव करना पड़ेगा। शार्दुल ठाकुर को मौका मिलने की संभावना है,लेकिन उनसे वही प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी,जो उन्होंने पिछले विदेशी दौरों पर किया था। दूसरी ओर,बल्लेबाजी क्रम में ऋषभ पंत का योगदान पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
चोटों के बावजूद भारतीय टीम के पास अभी भी जीतने की क्षमता है। कप्तान और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बनाए रखने की कोशिश में लगे हुए हैं। चौथे टेस्ट से पहले भारतीय टीम को यह सुनिश्चित करना होगा कि उपलब्ध खिलाड़ियों का सही उपयोग किया जाए और रणनीति के मुताबिक प्रदर्शन किया जाए। इंग्लैंड की टीम इस समय बढ़त में है और घरेलू परिस्थितियों में उनका आत्मविश्वास भी ऊँचा है। ऐसे में भारतीय टीम को आक्रामक क्रिकेट के साथ-साथ धैर्य और अनुशासन का प्रदर्शन करना होगा।
मैनचेस्टर टेस्ट के नतीजे पर ही इस सीरीज का भविष्य निर्भर करेगा। अगर भारत यह मुकाबला जीतने में सफल रहता है,तो वह पाँचवें और आखिरी टेस्ट को निर्णायक बना सकता है,लेकिन इसके लिए जरूरी है कि टीम चोटों के बावजूद एकजुट होकर मैदान पर उतरे और हर विभाग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे।
मैनचेस्टर टेस्ट में भारत की संभावित प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान),यशस्वी जायसवाल,केएल राहुल,करुण नायर/साई सुदर्शन, ऋषभ पंत(उपकप्तान और विकेटकीपर),ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर),कुलदीप यादव/वाशिंगटन सुंदर,रवींद्र जडेजा,जसप्रीत बुमराह,मोहम्मद सिराज,प्रसिद्ध कृष्णा/शार्दुल ठाकुर।
इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल,ऋषभ पंत (विकेटकीपर) (उप-कप्तान), करुण नायर,केएल राहुल,साई सुदर्शन,अभिमन्यु ईश्वरन,नितीश कुमार रेड्डी,रवींद्र जडेजा,ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),शार्दुल ठाकुर,वाशिंगटन सुंदर,जसप्रीत बुमराह,प्रसिद्ध कृष्णा,मोहम्मद सिराज,आकाशदीप,अर्शदीप सिंह,अंशुल कंबोज, कुलदीप यादव।
