नई दिल्ली,22 जुलाई (युआईटीवी)- बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार को हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया। इस दुखद घटना पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में बांग्लादेश के साथ एकजुटता में खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने लिखा, “ढाका में हुई दुखद विमान दुर्घटना में कई लोगों,खासकर युवा छात्रों की मृत्यु से हम आहत और दुखी हैं। हमारी संवेदनाएँ प्रभावित परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। भारत बांग्लादेश के साथ एकजुटता में खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान करने को तैयार है।”
मिली जानकारी के अनुसार,यह हादसा सोमवार दोपहर उस समय हुआ,जब बांग्लादेश वायुसेना का चीन निर्मित एफ-7 बीजीआई प्रशिक्षण जेट विमान नियंत्रण खो बैठा और ढाका के उत्तरा स्थित माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज की इमारत से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद विमान में आग लग गई और कई हिस्सों में मलबा बिखर गया। इस घटना में अब तक कम-से-कम 19 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है,जिनमें पायलट के अलावा कई छात्र भी शामिल हैं।
बांग्लादेश के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार,स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:06 बजे इस विमान ने उड़ान भरा था और लगभग 1:30 बजे यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के उत्तरा के माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज से टकराने के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विमान अचानक से नियंत्रण खोकर तेज आवाज के साथ स्कूल की इमारत से टकराया, जिससे छात्रों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। कई छात्रों ने भागकर अपनी जान बचाई,लेकिन हादसा इतना भीषण था कि कई लोगों को मौके पर ही अपनी जान गंवानी पड़ी।
ढाका ट्रिब्यून के रिपोर्ट के मुताबिक,बांग्लादेश फायर सर्विस कंट्रोल रूम की ड्यूटी ऑफिसर लीमा खानम ने बताया कि उन्हें इस दुर्घटना की सूचना दोपहर 1:18 बजे मिली। सूचना मिलते ही बचाव दलों को मौके पर रवाना किया गया। उत्तरा,टोंगी, पल्हबी,कुरमिटोला,मीरपुर और पूर्वाचल फायर स्टेशनों से कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ बचाव और राहत कार्य के लिए पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,हादसे के बाद विमान में लगी आग को काबू में करने में काफी समय लगा,जबकि स्कूल के भीतर और बाहर अफरातफरी का माहौल बना रहा।
माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के प्रवक्ता ने बताया कि विमान स्कूल के गेट के पास गिरा। उस समय परिसर में कक्षाएँ चल रही थीं,जिससे कई छात्र और शिक्षक इमारत के भीतर ही मौजूद थे। हादसे के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन ने सभी छात्रों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,घटना के बाद कई घायल छात्रों और कर्मचारियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
इस दुर्घटना ने बांग्लादेश में सुरक्षा मानकों और वायुसेना के प्रशिक्षण विमानों की तकनीकी खामियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एफ-7 बीजीआई विमान चीन द्वारा निर्मित है और इसे बांग्लादेश वायुसेना में प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पहले भी इस तरह के विमानों की तकनीकी खामियों को लेकर चिंताएँ जताई जाती रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई संवेदनाएँ भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत मानवीय और कूटनीतिक संबंधों का उदाहरण हैं। भारत ने इस घटना में बांग्लादेश को हर संभव मदद देने की पेशकश की है,जो दोनों देशों के बीच पारंपरिक सहयोग और दोस्ती को दर्शाता है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी इस घटना को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है और हादसे की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं।
ढाका में हुए इस हादसे ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण विमानों की नियमित तकनीकी जाँच और बेहतर पायलट प्रशिक्षण की आवश्यकता है। वहीं,पीड़ित परिवारों के लिए यह घटना असहनीय त्रासदी बन गई है,खासकर उन माता-पिताओं के लिए जिन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजा था और लौटकर उनके शव मिले।
यह हादसा बांग्लादेश के इतिहास में हाल के वर्षों की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। बांग्लादेश सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के इलाज के लिए विशेष चिकित्सा दल तैनात किए हैं।
